भारत-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में जिले के दामला गांव के प्रगतिशील किसान धर्मवीर ने अपनी प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी में उसके उत्पादों को शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए राष्ट्राध्यक्षों व आला अधिकारियों ने सराहा।
सम्मेलन से लौटे धर्मवीर ने बताया कि उन्हें नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से सम्मेलन में अपनी प्रदर्शनी लगाने के लिए कहा गया था।
सम्मेलन में धर्मवीर ने गाय के दूध व सफेद मूसली से बनाई बर्फी, मूसली के लड्डू, तुलसी के रसगुल्ले व जलेबी, तुलसी की चाय, तुलसी वॉटर, शर्बत, जैम, आम व सफेद मूसली का जैम, तुलसी के कैप्सूल व शैंपू जैसे उत्पादनों की प्रदर्शनी लगाई।
धर्मवीर द्वारा तैयार किए इन हर्बल उत्पादनों का स्वाद चखकर शिखर सम्मेलन में भाग लेने आए राष्ट्राध्यक्ष व उच्चाधिकारी काफी प्रसन्न हुए और उन्होंने इन उत्पादनों के निर्माण करने के तौर-तरीकों के बारे में जानकारी हासिल करते हुए किसान धर्मवीर के द्वारा बनाई गई सिंगल फेस बिजली पर चलने वाली मल्टीपर्पस मशीन के प्रति काफी उत्सुकता दिखाई।
धर्मवीर ने बताया कि जिम्बावे के राष्ट्रपति रॉबट मुगावे ने अपने राजदूत को मौके पर ही आदेश दिए कि वह अपने यहां इस मल्टीपर्पस मशीन को गांव-गांव में स्थापित करवाएं। इसी प्रकार केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने भी किसान धर्मवीर के बेटे प्रिंस से उनके द्वारा बनाए गए उत्पादनों में गहरी दिलचस्पी दिखाई।
किसान ने बताया कि निकट भविष्य में उसकी सोयाबीन मिल्क, सोयाबीन टोफू (पनीर), मूंगफली बटर, रोस्टड गेहूं, चना, मटर, अमरूद आइसक्रीम, लहूसुन-अदरक पेस्ट जैसे उत्पाद मार्केट में उतारने की योजना है।
धर्मवीर ने बताया कि अफ्रीकन देशों के लोग डेंगू व मलेरिया के रोगो से ग्रस्त पाए जाते हैं, जबकि वहां के जंगलों में तुलसी, ऐलोविरा, अमरूद, सतावर जैसी जड़ी-बूटियां बहुतायत में मिलती हैं और ऐसे देश व्यापार के लिहाज से भारत के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं।