गांव भटौली के किसान प्रिंस के साथ मारपीट के विरोध में बुधवार को किसानों ने भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में जगाधरी अनाज मंडी में धरना दिया। किसानों ने पुलिस के एक सबइंस्पेक्टर और दो पुलिस कर्मचारियों पर थाने के अंदर ले जाकर किसान को पीटने का आरोप लगाया है।
किसानों ने मारपीट के आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जकर कर उन्हें सस्पेंड करने की मांग की। दो डीएसपी किसानों को समझाने धरना स्थल पर पहुंचे, लेकिन किसान एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े रहे। चार घंटे तक धरना देने के बाद डीएसपी ने किसानों को एसपी से मिलवाया।
एसपी ने किसानों को बताया कि इस मामले में एक सबइंस्पेक्टर और दो अन्य पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों पर क्रॉस केस कर दिया गया है।
भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले सैकड़ों किसान बुधवार को जगाधरी अनाज मंडी में एकत्रित हुए। यहां किसानों ने भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में पंचायत हुई।
इस दौरान 19 अक्तूबर को भटौली निवासी किसान से हुई मारपीट के विरोध में किसानों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। किसान नेताओं ने कहा कि किसान के साथ मारपीट करने वाले ट्रक चालक, उसके बाद थाने ले जाकर मारपीट करने वाले सबइंस्पेक्टर व अन्य पुलिस कर्मचारियों और एक संदीप नाम के युवक पर केस दर्ज किया जाए और पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड किया जाए।
धरने पर बैठे किसानों को समझाने के लिए सबसे पहले जगाधरी डीएसपी राजिंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि आरोपी ट्रक चालक व अन्य व्यक्ति पर क्रॉस केस कर दिया है। वहीं संबंधित पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर किया जाएगा। लेकिन किसानों ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की मांग की।
उसके बाद डीएसपी अजय राणा मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। डीएसपी अजय राणा ने प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढूनी के नेतृत्व में किसानों के प्रतिनिधिमंडल को एसपी डा. अरूण नेहरा से मिलवाया। काफी देर तक बातचीत के बाद एसपी ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले में संबंधित एसआई व दो पुलिस कर्मचारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
मामले की गहनता से जांच की जाएगी। जांच के बाद अगर पुलिस कर्मी पर आरोप सिद्ध होते हैं तो उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। इसके लिए एसपी ने किसानों को एक माह का समय मांगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड नहीं किया गया तो वे दस दिसंबर को दोबारा किसान पंचायत बुलाकर आंदोलन करने का निर्णय लेंगे। प्रदर्शन में प्रदेश सचिव हरपाल सिंह, जिला प्रधान संजू गुंदयाना, गुरमुख सिंह, रूप सिंह, कृष्ण पाल, मामचंद, सुरेश, राकेश सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।