लंबे समय तक विवादों के लिए चर्चा में रहे गांव तिगरा में 15 दिन से पेयजल की पाइप लाइन टूटी हुई पड़ी है। जिससे रोजाना सैकड़ों लीटर पेयजल फिरनी में बह रहा है। वहीं कुछ घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे 26 अक्तूबर को शहर में आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को लिखित में शिकायत देंगे।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 15-20 दिन पूर्व गांव में एक और नया नलकूप लगाया गया था। जब नलकूप का चलाया गया, तो प्रेशर अधिक होने से पाइप लाइन पुरानी होने के कारण कई स्थानों से फट गई। गांव की कई गलियों और फिरनी में पाइप लाइन लीकेज होने से पानी गलियों में फैलने लगा।
विभाग के कर्मचारियों की ओर से गांव के अंदर की गलियों में हुई पाइप लाइन लीकेज को तो ठीक कर दिया गया, लेकिन गांव की फिरनी में भूतपूर्व सरपंच कंवरपाल के घर के नजदीक हुई लीकेज को आज तक ठीक नहीं किया। पाइप लाइन ठीक न होने से परेशान लोगों ने कई बार संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत दी।
लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे 26 अक्तूबर को यमुनानगर में आ रहे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को शिकायत देंगे।
प्रभावित ग्रामीण वीरसिंह, रिंकल, अजय राणा, मित्रपाल, मोहन लाल, राजपाल, पाला राम आदि ने बताया कि पाइप लाइन लीकेज होने से रोजाना सैकड़ों लीटर पेयजल बर्बाद हो रहा है। पेयजल फिरनी में खुले में बह रहा है, जिससे फिरनी में पानी जमा हो रहा है।
फिरनी में पानी जमा होने से यहां निकलना बहुत मुश्किल हो गया है। तीन दिन पहले ही पराली से भरी ट्राली पलट गई।
पाइप लाइन लीकेज होने से गांव के कई घरों में दूषित पेयजल की भी सप्लाई हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लाइन लीकेज होने गंदा पानी फिरनी में जमा हो जाता है, जब नलकूप बंद हो जाता है तो गंदा पानी लीकेज वाले स्थान से पाइप में चला जाता है। इससे घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि पाइप लाइन लीकेज होने की उन्होंने निवर्तमान सरपंच से बातचीत की, आरोप है कि उन्होंने गंभीरता नहीं दिखाई।
इसके बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौखिक रूप से शिकायत दी, लेकिन समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि लीकेज की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह 26 अक्तूबर को यमुनानगर में आ रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायत देंगे।
गांव में पानी सप्लाई संबंधित समस्याओं का समाधान ग्राम पंचायत को दिया गया है। पंचायती चुनाव के कारण अब इसका कार्यभार बीडीपीओ के पास है। तिगरा गांव की पेयजल समस्या के बारे में बीडीपीओ जगाधरी से बात करे।
- समीर शर्मा, एसडीओ, जन स्वास्थ्य एवं अभियंत्रिकी विभाग।
उनकी बदली पंचकुला हो गई है। अभी जगाधरी बीडीपीओ पद पर किसी ने ज्वाइन नहीं किया। फिर भी वह अपने लेवल पर अपने अधिनस्त कर्मचारियों को बोलकर समस्या का समाधान करवा देते हैं।
विकास कुमार, बीडीपीओ, जगाधरी