संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अगले माह से जमीनों के कलेक्टर रेट की नई दरें लागू होनी है। इसमें कलेक्टर रेट बढ़ने के संकेत हैं, क्योंकि पहले जनवरी-2024 से नई बढ़ी दरें लागू किए जा रहे थे, पर मार्च-2024 तक यह फैसले स्थगित हो गया। अब अप्रैल में इन्हीं बढ़ी दरों को लागू करने की आशंका में रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन पहले ही विरोध में उतर गई है।
एसोसिएशन के पदाधिकारी नई दरें लागू होने से पहले ही प्रशासन व सरकार को दरें कम करने का मांगपत्र भेज रहे हैं। उनकी मानें तो बहुत सी जगह कलेक्टर रेट मार्केट वैल्यू से अधिक है, जिस कारण वहां जमीन का क्रय-विक्रय नहीं हो पा रहा या इसके लिए क्रेता-विक्रेता अधिक स्टांप ड्यूटी देने पर मजबूर हैं। साथ ही कोरोना काल से प्रॉपर्टी कारोबार में मंदी है, जिसके मद्देनजर जमीनों के कलेक्टर रेट 30 फीसद कम होने चाहिए।
जिला प्रशासन की ओर से अपनी वेबसाइट पर दिसंबर में वर्ष-2024 के लिए प्रस्तावित नए कलेक्टर रेट का ड्राफ्ट अपलोड कर दिया गया था। जिसे देख प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों सहित जिला वासियों में खलबली मच गई थी। क्योंकि ड्राफ्ट नए साल 2024 में जमीनों के कलेक्टर रेट 10 से लेकर 43 फीसद तक बढ़ाने की तैयारी थी।
इस पर रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एडीसी के साथ बैठक के दौरान आपत्ति दर्ज कराई थी। एडीसी के साथ मेयर व स्कूल शिक्षा मंत्री को पत्र देकर जनवरी से कलेक्टर रेट न बढ़ाने की मांग रखी थी। इसके बाद एफसीआर ने मार्च-2024 तक नई कलेक्टर रेट की दरे लागू करने का फैसला स्थगित कर दिया।
रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के उप प्रधान मनोज पंजेटा ने बताया कि दिसंबर-2023 में जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर रेट नई दरें प्रस्तावित की गई थी, जिसमें कई जगह जमीनों के कलेक्टर रेट 10 से 43 फीसद तक बढ़ाने की तैयारी थी। ये दरें जनवरी-2024 में लागू हो रही थी, पर एसोसिएशन के विरोध के बाद एफसीआर ने नई दरें लागू करने का फैसला मार्च-2024 तक स्थगित कर दिया था।
अब अप्रैल में नई दरें लागू हो सकती हैं, उसमें कलेक्टर रेट बढ़ने की आशंका को देखते हुए एसोसिएशन की ओर से पहले ही सरकार व प्रशासन को एतराज भेजा जाएगा। साथ ही उसमें मांग की जाएगी कि सभी जगह जमीनों के कलेक्टर रेट 30 फीसद कम हों। क्योंकि कोरोना काल से प्रॉपर्टी कारोबार में मंदी है।
उसके बाद भी कलेक्टर रेट बढ़ते गए। इससे जिले में कई जगह जमीनों की मार्केट वैल्यू कलेक्टर रेट से कम है। ऐसी जमीनों की खरीद फरोख्त नहीं हो पा रही या उसके लिए अधिक स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती है। पंचकूला, सीएम सिटी करनाल जैसे शहरों में सेक्टरों की जमीनों के कलेक्टर रेट यमुनानगर से कम हैं, इसलिए यहां भी कलेक्टर रेट कम करने का सुझाव भेजा जाएगा।