संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आचार संहिता हटने पर जिले में जमीनों के कलेक्टर रेट की नई दरें लागू हो सकती हैं। इसे लेकर शुक्रवार को प्रस्तावित कलेक्टर रेट के ड्राफ्ट पर आए एतराज व सुझावों पर शुक्रवार को बैठक हो चुकी है। डीसी की अध्यक्षता में बैठक के दौरान रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी ने कई एतराज व सुझाव रखे। साथ ही प्रस्तावित कलेक्टर रेट की नई दरों को कम करने की भी मांग रखी।
यही मांग एसोसिएशन के पदाधिकारी की ओर से कैबिनेट मंत्री कंवरपाल से की गई। ज्ञात हो कि पहले जनवरी में नई दरें लागू करने के लिए दिसंबर-2023 में ड्राफ्ट जारी हो गया था। इसमें दरें दस से 43 फीसद तक बढ़ाने का प्रस्ताव था, पर जनवरी में नई दरें लागू करने का फैसला स्थगित हो गया। इसके बाद दिसंबर में जारी किए ड्राफ्ट में फेरबदल कर जिला प्रशासन ने मार्च में नया ड्राफ्ट जारी किया।
दिसंबर में जारी ड्राफ्ट में दरें 10 से 43 फीसद तक बढ़ाई जा रही थी, वहीं मार्च में जारी ड्राफ्ट में ज्यादातर जगह 10, 15 या 20 फीसद तक बढ़ी दरें प्रस्तावित हैं। कुछ जगह ही 20 से 30 फीसद के बीच बढ़ी दरें हैं, वहीं बहुत सी जगह कोई फेरबदल न कर गत वित्त वर्ष के ही कलेक्टर रेट की दरें प्रस्तावित की गई हैं। लेकिन इस वृद्धि दर पर भी जमीनों केक्रय-विक्रय कारोबार से जुड़ी रियल एस्टेट ब्रोकर एंड इंवेस्टर एसोसिएशन को एतराज हैं।
एसोसिएशन से वाइस प्रेसिडेंट मनोज पंजेटा ने बताया कि शुक्रवार को कलेक्टर रेट की प्रस्तावित नई दरों पर एतराज व सुझावों पर डीसी की अगुवाई में बैठक हुई। जहां वह भी उपस्थित रहे। बैठक में बात रखी कि जिले में यदि किसी की कहीं फैक्ट्री है तो उसकी रजिस्ट्री 8800 रुपये प्रति गज के हिसाब से की जा रही है। ऐसे में जमीन की मार्केट वैल्यू से कलेक्टर रेट कई गुना अधिक बन जाता है।
इस कारण फैक्ट्री की जमीन का क्रय विक्रय नहीं हो पाता है। ऐसे ही मॉडल टाउन, सेक्टरों व अन्य कई कॉलोनियों में रिहायशी व व्यावसायिक कलेक्टर रेट की दरों जमीन की मार्केट वेल्यू से कई गुना अधिक हैं। यही मुद्दा एसोसिएशन के सचिव ललित गुप्ता ने कैबिनेट मंत्री कंवरपाल के समक्ष रखा। मंत्री की ओर से मामले में सीएम व अधिकारियों से बात करने का आश्वासन मिला है।