संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अपने भवन की दरकार झेल रहे जिले के दो राजकीय कॉलेजों की उच्च शिक्षा विभाग सुध लेता दिख रहा है। दोनों कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए विभाग ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। प्रतापनगर कॉलेज के लिए किशनपुरा गांव में चिह्नित नौ एकड़ जमीन तय कर दी गई है। सरस्वतीनगर कॉलेज के लिए भी थाना छप्पर में दो जगह जमीन देखी गई है।
जिले में पांच राजकीय कॉलेज हैं। इनमें व्यासपुर के आहड़वाला, छछरौली व रादौर के कॉलेजों के पास अपने भवन हैं। इनमें स्नातक के छछरौली में सात, आहड़वाला व रादौर में पांच-पांच कोर्स हैं। सरस्वती नगर व प्रतापनगर के कॉलेजों के पास अपने भवन नहीं है। पांच साल से सरस्वती नगर का कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल सरस्वती नगर में चल रहा है।
प्रतापनगर का कॉलेज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से आईटीआई प्रतापनगर के नए भवन में शिफ्ट हो चुका है। सरस्वतीनगर व प्रतापनगर के कॉलेजों के पास अपने भवन की दरकार होने से यहां पांच साल में बीए, बीकॉम दो-दो कोर्स ही हैं। इससे यहां के काफी युवा एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के अधिक खर्च के कोर्स की ओर रुख करने पर मजबूर हैं।
दोनों जगह राजकीय कॉलेजों के पास अपने भवन की दरकार के साथ कोर्स, स्टाफ व सुविधाएं कम हैं। अभी भी शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए प्रतापनगर कॉलेज में बीकॉम की 40 सीटों में नौ और बीए की 60 सीटों में 25 भर पाई हैं, वहीं सरस्वतीनगर कॉलेज में बीकॉम की 80 सीटों में 14 और बीए की 160 सीटों में आधी ही भर पाई हैं।
कॉलेज स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दोनों कॉलेजों के लिए स्कूल व आईटीआई के भवन में मिले कमरों की संख्या ऑफिस वर्क और कक्षाएं लगाने के लिए कम हैं। एक-एक कमरे दो-दो कामों में इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में चाहकर भी नए कोर्स की मांग नहीं कर पाते हैं।