यमुनानगर। नशे के खिलाफ जंग में हरियाणा पुलिस ने पिछले तीन दिन में तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के बाद खुलासा हुआ है कि यूपी-बिहार से हरियाणा और पंजाब तक नशा तस्करों का नेटवर्क सक्रिय है। अब पुलिस ने अभियान को तेज करते हुए नेटवर्क की जड़ें तलाशनी शुरू कर दी हैं।
तीन दिन पहले यमुनानगर पुलिस ने यूपी के सहारनपुर जिले के गांव मिर्जापुर निवासी नशा तस्कर अबरार को गिरफ्तार किया था। अबरार से पूछताछ में एक अन्य आरोपी यूपी के चिलकाना निवासी मशरूर का नाम सामने आया था। मशरूर नशे की खेप अबरार तक पहुंचाता था। इसके बाद हेरोइन की खेप को हरियाणा के अलग-अलग जिलों में सप्लाई होती थी। पुलिस ने मशरूर को भी गिरफ्तार कर लिया है। इसके बाद पुलिस नेटवर्क की अगली कड़ी की तलाश में जुट गई है।
-
बिहार से चरस मंगवाकर हरियाणा और पंजाब में बेचने के हैं आरोप
दूसरी ओर सोमवार को ही पुलिस ने चरस तस्करी के आरोप में जींद जिले के रहने वाले आरोपी प्रवीण को गिरफ्तार किया था। प्रवीण पर छह माह पहले बिहार से तस्करी कर लाई गई 33 किग्रा चरस की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस का दावा है कि प्रवीण ने ही यह खेप मंगवाई थी। जिसके बाद इस खेप को हरियाणा और पंजाब में सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने प्रवीण को भी दो दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की है। जिससे उसके नेटवर्क में शामिल अन्य तस्करों तक पहुंचा जा सके।
बॉर्डर होने के कारण यमुनानगर में सक्रिय हैं तस्कर
यमुनानगर जिला तीन प्रदेशों उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और यूपी की सीमा पर स्थित है। यूपी और हरियाणा के मध्य यमुना नदी सीमा रेखा का काम करती है। यही कारण है कि यहां पर तस्करों ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। तस्कर यमुनानगर पहुंचने के लिए जंगल और नदी के रास्तों का प्रयोग करते हैं। जब नदी में पानी कम होता है तो पैदल ही नदी को पार कर लेते हैं।
-
वर्जन
नशा तस्करी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। दोनों से अलग-अलग पूछताछ की गई है। दूसरे राज्यों तक नशा तस्करों का नेटवर्क है। जिसे तोड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
-केवल सिंह, प्रभारी सीआईए-1