संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शहर में पेयजल सप्लाई में ही लापरवाही सामने आई है। नगर निगम सप्लाई के दौरान पूरी मात्रा में क्लोरीन नहीं मिला रहा है। देशराज कॉलोनी, राजनगर, बतरा कॉलोनी और खटीक बस्ती से लिए 33 नमूनों की रिपोर्ट में क्लोरिन का मात्र कम मिली है।
डायरिया और उल्टी दस्त के लगातार मामले आने का यही बड़ा कारण अब तक नजर आया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने अलग-अलग कॉलोनियों से पानी के 35 और नमूने लेकर जांच को भेजे हैं।
वहीं क्लोरीन की मात्रा बढ़ाने के लिए नगर निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को भी पत्र लिखा है। इसके साथ संदिग्ध डायरिया से मृत एक बच्चे और दो पुरुषों की विसरा रिपोर्ट का इंतजार है।
डायरिया और उल्टी दस्त से पिछले 12 दिन में छह मौत होने से स्वास्थ्य विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम पर प्रश्न उठने लगे हैं।
सीएमओ डॉ. विजय मलिक व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने देशराज कॉलोनी, सैनी व अन्य कॉलोनियों में सर्वे किया। कई जगह दूषित पेयजल सप्लाई मिला है। इसके साथ पानी के नमूनों की रिपोर्ट मिली है। नगर निगम शुक्रवार को कई जगह से लीकेज भी ठीक कराई है। इसके साथ ट्यूबवेलों पर क्लोरिन बॉक्स की जांच की। जिसमें सिस्टम भी अपेक्षाकृत ठीक नहीं मिले।
टीम ने शुक्रवार को मॉडल टाउन, देशराज, राजनगर, हरि सिंह, जावा व महावीर कॉलोनी से पेयजल के 35 नमूने लेकर जांच को भेजे हैं। डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि विभाग की टीम नमूने लेने के साथ लोगों को जागरूक भी कर रही है। अब तक 2476 लोगों की जांच की जा चुकी है।
पानी में डायरिया के लार्वा की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। स्वास्थ्य विभाग