प्रतापनगर। जिले में 15 दिन चली एसआईटी की जंगलों की जांच के बाद वन्य प्राणी विभाग हरकत में आ गया है। इसके साथ ही कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे विभाग ने वन विभाग से कर्मचारी मर्ज करने का प्रस्ताव भी भेजा है। वहीं, पहली बार जिले में एसीएफ इन वाइल्ड लाइफ पोस्ट बनाने के लिए सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। इससे पहले जिला में जिला वन्य प्राणी निरीक्षक की एक ही पोस्ट होती थी, जिसका हेडक्वार्टर कलेसर में था और डीडी पावर पंचकूला मुख्यालय के पास थी।
जिले में एसीएफ वाइल्ड का पद होने से जंगलों के विकास कार्य और अन्य कागजी गतिविधियों के लिए पंचकूला नहीं जाना पड़ेगा। इसके साथ ही करीब नौ कर्मचारियों को वन्य प्राणी विभाग में मर्ज करने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा है। वन प्राणी विभाग की ओर से कलेसर नेशनल पार्क और वन्य प्राणी विहार के लिए अलग अलग निरीक्षक नियुक्त किए गए हैं और तत्कालीन निरीक्षक लीलू राम को लंबी छुट्टी पर भेज दिया है। जिले के वन्य प्राणी विभाग में इतना बड़ा फेरबदल पंचकूला के आसरे वाली जंगल में हुए खैर के कटान और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे वन्य प्राणी विभाग को और अधिक शक्तिशाली व सतर्क बनाने के लिए किया गया है।
वन्य प्राणी विभाग के नव नियुक्त निरीक्षक राजबीर और कलेसर नेशनल पार्क के निरीक्षक ज्योति कुमार अपने एरिया का आकलन करने में जुट गए हैं। जिले के जंगलों में चली 15 दिन तक एसआईटी टीम की जांच में काफी नुकसान सामने आया है, जिसकी अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान के असली आंकड़े सामने आ पाएंगे।