जगाधरी।गांव कनालसी में चल रही श्रीराम कथा का रविवार को तीसरा दिन रहा। कथा में कनालसी सहित आसपास के गांव के लोग भी शामिल हुई। इस दौरान साध्वी शशिप्रभा भारती ने कथा से श्रद्धालुओं को श्रीराम नाम का रसपान करवाया। तीसरे दिन साध्वी शशि प्रभा भारती ने श्रीराम कथा का दक्ष प्रजापति का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि दक्ष ने एक यज्ञ किया। जिसमें उन्होंने पुत्री सती व भगवान शिव को यज्ञ में नहीं बुलाया। इसके बाद भी सती यज्ञ में चली गई। यहां यज्ञ में अपने पति का स्थान न देखकर वह क्रोधित हो गई और अपमानित होकर अपना शरीर त्याग दिया। उसके बाद उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की कथा सुनाई।
उन्होंने कहा कि वैदिक विवाह पद्धति समाज को शिक्षा प्रदान करती है। हमें अपनी संस्कृति, सभ्यता का पता होना चाहिए। नई पीढ़ी को इसकी शिक्षा दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कथा नई पीढ़ी को सद्मार्ग पर लाने का सरल माध्यम है। कथा के दौरान उन्होंने कन्यादान के बारे बताया। उन्होंने कहा कि दुर्गुण अपनाकर ही कन्यादान करना चाहिए। कथा विराम पर रामायण जी की आरती हुई। इस दौरान शिव मंदिर कमेटी प्रधान सुरेंद्र कुमार, डॉ. राजवीर, अजीत सिंह, इंद्रपाल सिंह, परमाल सिंह, शिवी राणा शैंकी राणा, रणदीप राणा, किरण पाल राणा, सुरेश राणा, विजय पाल राणा, लवीश शर्मा, विजेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।