संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। इस्लामनगर गांव के श्रवण के परिवार पहचान पत्र में नया गांव के एक मुस्लिम परिवार के तीन सदस्यों को शामिल कर दिया गया है। इस गलती के कारण अनुसूचित जाति के परिवार को राशन भी नहीं मिल पा रहा है और यह परिवार कई सरकारी योजनाओं से भी वंचित है।
सरकारी तौर पर हुई गलती को ठीक करवाने के लिए श्रवण दो साल से कई अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुका है, लेकिन उसके परिवार पहचान पत्र में हुई इस गलती को सुधारा नहीं जा रहा है। दिहाड़ीदार मजदूर श्रवण ने बताया कि दो साल पहले उसका परिवार पहचान पत्र बना तो इसमें उसकी पत्नि नर्मता तथा बेटियों शीतल, अर्चना व प्रिया के अलावा किसी मुस्लिम परिवार की फिरदोश, मोनिश व हरफां के नाम दर्ज हुए पाए गए।
इस बारे में उसने सीएससी के माध्यम से आपत्ति दर्ज करवाने के अलावा अपने तौर पर छानबीन की तो पता चला कि यह परिवार उसके गांव से पांच किलोमीटर दूर रहने वाले नयागांव का है। दो साल से श्रवण इस गलती को ठीक करवाने के लिए सीएम विंडो के अलावा, एडीसी कार्यालय, कोटला में हुए मंत्री कंवरपाल के खुले दरबार व सीएम के जनसंवाद कार्यक्रम में भी गुहार कर चुके हैं।
लेकिन किसी ने भी उसके परिवार पहचान पत्र की इस त्रुटि को ठीक नहीं करवाया है। श्रवण ने बताया कि दूसरे परिवार के सदस्यों को उसके परिवार पहचान पत्र में शामिल किए जाने से उसे राशन नहीं मिल पा रहा है।
यही नहीं इसी त्रुटि के कारण उसके परिवार को सरकार की कई योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल रहा है। पिछले साल बेटी नीरज की शादी के समय भी उसे कन्यादान योजना का लाभ नहीं मिल सका था। श्रवण ने बताया कि इस त्रुटि को ठीक करवाने लिए वह दिहाड़ी छोड़ कर दर-दर भटक रहा है।
कोई भी उसे राहत प्रदान नहीं कर रहा है। अधिवक्ता महावीर सेठी ने आरोप लगाया कि पीपीपी आमजन के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का सबब बन गया है। अधिकारी आमजन की परेशानियों को दूर करने का नाम नहीं ले रहे।