सरकार द्वारा गांव छोटाबांस को रादौर नगरपालिका में शामिल किए जाने के विरोध में तीसरे दिन भी गांव के लोग सड़कों पर उतरे। सरपंच दलीप सिंह रिंकू के नेतृत्व में लोगों ने मेन बाजार व एसके रोड पर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए अपना रोष प्रकट किया।
गांव की महिलाएं व पुरुष रादौर विधायक श्याम सिंह राणा के निवास पर उनसे मिलने पहुंचे। उन्होंने विधायक से मांग की कि उनके गांव को रादौर नगरपालिका में शामिल न किया जाए।
विधायक ने कहा कि रादौर में नगरपालिका का गठन सरकार द्वारा किया जा रहा है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। इस दौरान ग्रामीणों की विधायक से नोक-झोंक भी हुई। बाद में ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनके गांव की पंचायत को खत्म कर रादौर नगरपालिका में मिलाने की कोशिश की तो पूरे गांव के लोग हिंदू धर्म त्यागकर इस्लाम धर्म अपना लेंगे।
ग्रामीणों ने इस बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया कि भाजपा विधायक श्याम सिंह राणा कुछ लोगों को खुश करने के लिए उनके गांव छोटाबांस को रादौर नगरपालिका क्षेत्र में शामिल कर उनके साथ अन्याय कर रहे हैं।
सरपंच दलीप सिंह ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक लगातार जारी रहेगा जब तक सरकार उनकी अलग पंचायत नहीं बना देती। हर रोज कस्बे के मेन बाजार में सरकार विरोधी प्रदर्शन किया जाएगा।