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मनमानी के खिलाफ उतरे पार्षद

Sat, 07 Nov 2015 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
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नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी में ग्रांट बांटने और विकास कार्यों में मनमानी तथा अफसरशाही के खिलाफ निगम पार्षद एकजुट हो गए हैं। शनिवार को पार्षदों ने स्थानीय होटल में बैठक की और गैर राजनीतिक नगर निगम विकास मोर्चा का गठन किया।
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इसमें वार्ड नंबर सात से भाजपा पार्षद कुसुम त्यागी को प्रधान चुना गया। अब मोर्चा निगम क्षेत्र में समान विकास और अपनी समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखेगा। मोर्चा के सदस्यों ने निर्णय लिया कि जल्द ही अपनी समस्याओं को सीएम के सामने भी रखेंगे।

मालूम हो कि 20 सदस्यीय नगर निगम में कांग्रेस की सरोज बाला मेयर हैं। भाजपा पार्षद पवन बिट्टू सीनियर डिप्टी मेयर व इनेलो पार्षद रामपाल डिप्टी मेयर हैं।

मोर्चा से बढ़ेगी सियासी हलचल
नगर निगम विकास मोर्चा के गठन से निगम में सियासी हलचल बढ़ेगी। मोर्चा के सदस्यों में भाजपा, कांग्रेस, इनेलो व अन्य पार्षद भी शामिल हैं, जिनकी संख्या 14 को पार कर रही है। 20 सदस्यीय नगर निगम में अप्रस्ताव लाने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी है। पार्षदों की बैठक में जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्य राकेश त्यागी भी मौजूद रहे।
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विकास के लिए एकजुट हुए पार्षद
वार्ड नंबर सात की पार्षद एवं मोर्चा की नवनियुक्त प्रधान कुसुम त्यागी का कहना है कि मोर्चा में 14 पार्षदों ने सहमति दी है। जिससे साफ है कि पार्षदों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सभी पार्षद शहर का विकास करवाने के लिए एकजुट हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम कार्यालय में अफसरशाही हावी हो रही है। कई अधिकारी पार्षदों की बात सुनते ही नहीं हैं। ग्रांट को मनमाने तरीके से खर्च किया जा रहा है, जबकि एक पार्षद अपने क्षेत्र की समस्या को अच्छे से जानता है। जल्द ही इस संबंध में मुख्यमंत्री से मिला जाएगा और उनके सामने स्थिति रखी जाएगी। प्रयास रहेगा कि निगम में शामिल सभी कॉलोनियों का समान रूप से विकास हो।

निगम में हो रही मनमानी
वार्ड नंबर-14 की पार्षद निर्मल चौहान का कहना है कि निगम में अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। डी-प्लान के पैसे को दो वार्ड में बांट दिया गया। इसी तरह सीएम ग्रांट को बांटने में मनमानी की गई। स्थिति यह है कि हाउस में पास मुद्दों को लागू ही नहीं किया जा रहा है। जिससे पार्षदों में रोष है। अपनी आवाज को उठाने के लिए पार्षदों ने मिलकर मोर्चा का गठन किया गया है।

विजिलेंस जांच होनी चाहिए : राणा
वार्ड नंबर-19 से पार्षद नीरज राणा का कहना है कि कई-कई महीने हाउस की बैठक नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना हाउस की अनुमति के ही विकास कार्यों पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए जाते हैं। निगम अधिकारी पार्षदों की बात को अनसुना कर रहे हैं। निगम में असमान विकास कार्य करवा जा रहे हैं। हाउस में भी पार्षदों की सुनवाई नहीं हो रही। 14 से अधिक पार्षद मोर्चा में शामिल हुए हैं, ऐसे में मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर को नैतिकता के आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही अब तक जो विकास कार्य हुए हैं, उनकी विजिलेंस से जांच करवानी चाहिए।

सदन की गरिमा नहीं रखी
वार्ड नंबर-18 के पार्षद कर्मवीर सेठी का कहना है कि सदन की गरिमा का ख्याल न तो अधिकारी रख रहे हैं और न ही मेयर। निगम की जिम्मेदारी मेयर की होती है। मेयर को देखना होता है कि पार्षदों की सुनवाई, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सदन में सर्वसम्मति से पास मुद्दों पर अमल नहीं हो रहा है।  कई मामले ऐसे हैं, जिन पर डेढ़ साल पहले सर्वसहमति बनी थी जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। इस संबंध में कई बार अधिकारियों व मेयर को लिखा जा चुका है, लेकिन कुछ नहीं होता। विकास व जनहित में ये कदम उठाना पड़ा है।
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