संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में जल्द ही एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके लिए पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और चयनित एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार अगले माह तक मशीन लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद मरीजों को एमआरआई की सुविधा मिलने लगेगी। एमआरआई मशीन को अस्पताल परिसर में अल्ट्रासाउंड विभाग के पास खाली कमरे में लगाने की योजना बनाई गई है। यह सुविधा शुरू होने के बाद यमुनानगर जिले के मरीजों को जांच के लिए अन्य शहरों या बड़े अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
करीब 200 बेड वाले इस जिला नागरिक अस्पताल में वर्तमान में रोजाना 2200 से 2500 मरीज ओपीडी और आईपीडी में इलाज के लिए पहुंचते हैं। इसके बावजूद यहां एमआरआई जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधा अब तक उपलब्ध नहीं थी। गंभीर मरीजों को अक्सर पीजीआई चंडीगढ़ या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर करना पड़ता था। खासकर ग्रामीण इलाकों से आने वाले मरीजों को इस प्रक्रिया में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
अस्पताल में फिलहाल पीपीपी मोड पर सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे शुरुआती जांच की जाती है, लेकिन कई जटिल मामलों में एमआरआई अनिवार्य हो जाती है। सिर या रीढ़ की हड्डी में चोट, मस्तिष्क से जुड़ी बीमारियां, नसों की समस्याएं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के सटीक निदान के लिए एमआरआई बेहद जरूरी मानी जाती है। एमआरआई तकनीक के माध्यम से स्ट्रोक, एन्यूरिज्म, आंख और कान से जुड़ी आंतरिक समस्याएं, मल्टीपल स्केलेरोसिस और स्पाइनल इंजरी जैसी बीमारियों का विस्तार से पता लगाया जा सकता है। अभी तक मरीजों को इन जांचों के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ता था, जहां एक जांच पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को राहत मिलेगी, बल्कि समय पर सही इलाज मिलने से जान भी बचाई जा सकेगी।
जिला नागरिक अस्पताल में एमआरआई के लिए एजेंसी को कार्य आवंटित कर दिया गया है। इससे जिला स्तर पर ही बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। जल्द ही मशीन स्थापित कर सेवा शुरू कर दी जाएगी। - डॉ. पुनीत कालड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन यमुनानगर।