संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लोकसभा चुनाव की घोषणा के बाद से राजनीतिक दल, उनके प्रत्याशी व अन्य नेता व पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रचार प्रसार में जुटे हैं। सभी की मंशा अधिक से अधिक लोगों को अपने पक्ष में करने की है। उनके व्यवहार से लेकर मुद्दे व घोषणाएं सुन सांसद का चुनाव करने को लेकर मतदाता अपनी पसंद तैयार कर रहे हैं। इन्हीं मतदाताओं में कुछ ने सांसद चुनाव को लेकर अपनी राय साझा की। उनका कहना है कि सांसद चुनाव से पहले न सिर्फ घोषणाएं करें बल्कि धरातल पर उनका काम भी कराए।
कागजों में सीमित न रहे घोषणाएं
नवीन ने कहा कि अकसर देखा जाता है कि चुनाव से पहले जनता के बीच प्रत्याशी खूब घोषणाएं करते हैं, पर जीत के बाद उन योजनाओं का धरातल पर काम नहीं होता है। सांसद ऐसा होना चाहिए जिसकी योजनाओं व घोषणाएं सिर्फ भाषणों व कागजों में सीमित न रहे जबकि जीत के बाद वह उन्हें सिरे चढ़ाए।
संसदीय क्षेत्र के विकास का हो मॉडल
हिंदू गर्ल्स कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्वाति गेरा ने कहा कि सांसद पद के लिए चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों के पास अपने संसदीय क्षेत्र के विकास का मॉडल होना चाहिए। उसमें यह दर्शाया जाए कि वह किन योजनाओं से संसदीय क्षेत्र में विकास कराएगा। यह रिपोर्ट तथ्यों व आंकड़ों पर आधारित वास्तविक हो, जिसे देख मतदाता अपना फैसला लें।
पढ़ा-लिखा व हर मामले की हो समझ
कुलविंद्र सिंह ने कहा कि एक संसदीय क्षेत्र कई विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर बनता है। इसलिए यह बड़ी जिम्मेदारी है। सांसद को न सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र का विकास कराना होता है बल्कि देश के लिए कानून व अन्य बड़े फैसले भी लेने होते हैं। इसलिए सांसद पढ़ा-लिखा व हर मामले में समझ रखने वाला होना चाहिए।
तेजी से कार्य कराने का हो गुण
हिंदू गर्ल्स कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर निधि सैनी ने कहा कि अंबाला लोकसभा क्षेत्र की कई घोषणाएं वर्षों से अधूरी हैं, जिनके पूरा होने की जनता आस लगाए बैठी हैं। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए। जो घोषणाएं होनी हैं, उन्हें तुरंत सिरे चढ़ाते हुए धरातल पर काम होना चाहिए। सांसद बनने के लिए चुनाव में खड़े प्रत्याशियों में तेजी से कार्य कराने का गुण हो।