यमुनानगर। चरखी दादरी निवासी एक व्यक्ति ने मां-बेटे को कनाडा भेजने के नाम पर उनसे 15 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने अपनी जमीन बेचकर आरोपियों को पैसे दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें फर्जी वीजा पकड़ा दिया। जब वह विदेश जाने लगे तो अधिकारियों ने एयरपोर्ट से ही उन्हें वापस भेज दिया गया। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
बूड़िया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बीवीपुर गांव निवासी शौकत अली ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा साहिल कुछ समय पहले अरमेनिया देश गया था। यहां पर उसकी मुलाकात चरखी दारी निवासी अंकित से हुई थी। साहिल की उससे दोस्ती हो गई और कुछ दिन बाद दोनों वापस भारत आ गए। इस दौरान अंकित ने साहिल से कहा उनका चरखी दादरी में एक ऑफिस है वह लोगों को कनाडा भेजने और उन्हें सेटल करने का काम करते हैं। अंकित की बातों में आकर शौकत ने साहिल को कनाडा भिजवाने की बात कही। इस पर आरोपियों ने उन्हें झांसा दिया कि वे साहिल और उसकी मां दोनों को एक साथ कनाड़ा भेज देंगे। इसके लिए 15 लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके बाद शौकत ने उनके कार्यालय में जाकर एक लाख रुपये दे दिए। आरोपियों ने दिसंबर 2023 में शौकत की पत्नी का पासपोर्ट बनवा दिया। जनवरी 2024 में आरोपियों ने छह लाख 19 हजार रुपये अपने खाते में जमा कराए और धीरे-धीरे 15 लाख रुपये उनसे ले लिए। कुछ दिन बाद आरोपियों ने साहिल को वीजा देकर मुंबई भेज दिया। जब साहिल मुंबई से कनाडा की फ्लाइट पकड़ने लगा तो जांच में उसका वीजा फर्जी मिला और अधिकारियों ने उसे विदेश जाने से रोक दिया गया। जिसके बाद शौकत ने अंकित और उसके साथियों से रुपये मांगे तो आरोपियों ने रुपये देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अंकित, नरेंद्र और विनय के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।