फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: ट्रैफिक लाइट पर रुकने का ज्यादा और निकलने का समय कम

Tue, 26 May 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट की बिगड़ी टाइमिंग लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालात यह हैं कि वाहन चालकों को रेड लाइट पर 90 से 180 सेकेंड तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि निकलने के लिए केवल 30 सेकेंड का समय मिल रहा है।
इससे हर तीन मिनट में चौक पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है और कई बार लोगों को 10 से 15 मिनट तक इसी में फंसे रहना पड़ता है। प्रचंड गर्मी और लू के बीच यह समस्या लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही है। शहर के व्यस्त चौराहों पर सुबह से लेकर देर शाम तक ट्रैफिक का दबाव बना रहता है।
विज्ञापन

लेकिन ट्रैफिक सिग्नल की असंतुलित टाइमिंग के कारण वाहन चालक समय पर चौक पार नहीं कर पा रहे। रेड लाइट का समय अधिक होने से एक ओर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है, वहीं ग्रीन सिग्नल मिलते ही कुछ ही वाहन निकल पाते हैं और फिर दोबारा रेड लाइट हो जाती है। इससे जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है।
सबसे अधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों, बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करने वाले लोगों को हो रही है। इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है। सुबह ही तापमान 37-38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में तेज धूप और गर्म हवा के बीच लोगों को चौक पर तीन-तीन मिनट तक खड़ा होना पड़ रहा है। कई वाहन चालक ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नाराज दिखाई दिए।
लोगों का कहना है कि यदि ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग यातायात के दबाव के अनुसार तय की जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। शहर वासी ललित कुमार, शुभम, प्रिंस, दीपक, ईशायु ने बताया कि रेड लाइट के दौरान चौराहों पर काफी देर इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन

रेड लाइट की टाइमिंग 90 से 180 सेकेंड की रहती है और हरी बत्ती का समय 25 से 30 सेकेंड होता है। तीन मिनट पर चौराहे पर दर्जनों वाहन रुक जाते हैं। निकलने का समय कम होता है और पीछे खड़े वाहन चालकों का नंबर आने तक बत्ती भी लाल हो जाती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के सभी प्रमुख चौराहों की ट्रैफिक सिग्नल टाइमिंग संतुलित की जाए। स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम होने के बावजूद यदि वाहन चालक जाम में फंस रहे हैं, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
ट्रैफिक लाइट की टाइमिंग ऑटोमेटिक होती है। कई बार यह बिगड़ जाती है। इसे दुरूस्त करवा दिया जाएगा। - संदीप कुमार, प्रभारी थाना यातायात।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें