जगाधरी। कंप्यूटर ऑपरेटर्स की हड़ताल से जिले के कई सरकारी कार्यालयों के काम प्रभावित हो रहे हैं। सबसे ज्यादा असर तहसील कार्यालय पर पड़ रहा है। यहां का पूरा कामकाज ऑनलाइन है और कंप्यूटर ऑपरेटर्स ही उन्हें पूरा करते हैं। ऑपरेटर्स के हड़ताल पर चले जाने से कामकाज ठप हो गया है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से तीन दिन में करीब 500 रजिस्ट्रियां अटक गई हैं।
कंप्यूटर प्रोफेशनल संघ के बैनर तले जिलेभर के सरकारी कार्यालयों के जिला सूचना प्रौद्योगिक एवं एचकेएनएल संबंधी 150 से ज्यादा कंप्यूटर ऑपरेटर्स हड़ताल पर हैं। उनके हड़ताल पर जाने से तहसील ही नर्ही, ई-दिशा सरल केंद्र सहित तमाम सरकारी कार्यालयों के काम रुक गए। इस दौरान रजिस्ट्री, फर्द, नकल, भूमि संबंधी रिकॉर्ड, जमाबंदी, इंतकाल, ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल, प्रमाणपत्र सहित तमाम कार्य नहीं हो पाए। इसके अलावा भूमि संबंधी तमाम कार्य ठप रहे। जिले में प्रतिदिन 150 से 200 रजिस्ट्रियां, 100 से 150 इंतकाल, 1000 से ज्यादा जमाबंदी के कार्य होते हैं। जो तीन दिन से बिल्कुल बंद पड़े हैं। हड़ताल के तीसरे दिन बुधवार को तहसील कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर्स की कुर्सियां खाली रही। जबकि अन्य कर्मचारी कार्यालय पहुंचे, लेकिन ऑपरेटर्स के काम न करने के कारण वे सभी भी पूरा दिन खाली बैठकर घर लौट गए। हड़ताल से लोगों को परेशानी होने के साथ सरकार को रोजाना लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कंप्यूटर ऑपरेटर्स की मांग है कि डीआईटीएस का केंद्रीयकरण कर बजट का प्रावधान किया जाए। सभी कर्मचारियों के पद सृजित किए जाएं। सरकार की नियमितीकरण की योजना में डीआईटीएस कर्मचारियों को शामिल किया जाए। इस दौरान सुरेंद्र सैनी, जितेंद्र प्रजापति, मूलचंद शर्मा, नितिन मेहता, रवि सैनी, गगनदीप सिंह, चेतन, वरुण कुमार, सायना शर्मा, राकेश कुमार, विकास रावत व अन्यों ने कहा कि मांगों को लिए वह लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। परंतु अब जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती, वे हड़ताल पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि हड़ताल के सोशल मीडिया पर प्रचार प्रसार किया जा रहा है, ताकि लोगों को इसकी जानकारी रहे और उन्हें कार्यालय में धक्के न खाने पड़े।