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मानसून की तैयारी, टेंडर के भरोसे अधिकारी, शुरू नहीं हुई नालों की सफाई

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पुराना हमीदा में गंदगी से अटा नाला। - फोटो : Yamuna Nagar
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यमुनानगर। मानसून सीजन में जलभराव की वजह बनने वाले नालों की सफाई 15 जून तक पूरी करनी है। नगरनिगम के अधिकारी अभी नालों की सफाई शुरू भी नहीं करवा पाए। अधिकांश नाले गंदगी अटे पड़े हैं। इनकी स्थिति नगर निगम अफसरों की लापरवाही को भी उजागर कर रही है। इसका कारण यह है यह है कि एक माह तक निगम के अधिकारियों ने इस कार्य को निगम की ओर से लगाए टेंडर भरोसे छोड़े रखा।
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इसके बाद टेंडर में ठेकेदार ना मिलने पर ये रिकॉल करने पड़ गए। यही नहीं टेंडर प्रक्रिया पूरी ना होने तक नालों की सफाई नगर निगम स्तर पर कराने के आदेश दिए लेकिन यह आदेश भी कागजी साबित हो रहे हैं। अभी भी निगम स्तर पर नालों की सफाई नहीं हो रही। ये हाल तब हैं, जब इसके लिए 15 जून की डेडलाइन खुद डीसी ने दी है। शेष बचे 25 दिन में यह काम कैसे पूरा होगा, इस अल्प अवधि में नालों की सफाई किस तरह होगी जनमानस में यह एक अहम सवाल बना हुआ है।
बता दें कि चार मई को डीसी पार्थ गुप्ता ने अपने कार्यालय में बैठक लेकर नगर निगम अफसरों को नालों की सफाई 15 जून तक हर हाल में पूरी करने के आदेश दिए थे। साथ ही कहा था मानसून से पहले नालों की सफाई दो से तीन बार पूरी कराना सुनिश्चित करें। इसके बाद भी नालों की सफाई को लेकर नगर निगम अफसर गंभीर नहीं दिख रहे हैं।
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हर साल मानसून में नाले बनते हैं जलभराव की वजह
नगर निगम यमुनानगर- जगाधरी एरिया में छोटे-बड़े कुल 39 नाले हैं, जिनमें कई नाले हर साल मानसून की बरसात में जलभराव की वजह बनते हैं। क्योंकि समय रहते नालों की सफाई नहीं होती। इस बार भी जगाधरी से यमुनानगर आते बड़े नाले समेत कई नाले काई व कचरे से अटे पड़े हैं। कई में कंकरीट, ईंटे गिरी पड़ी हैं। कई जगह अवैध कब्जे व स्लैब रखे हैं। सफाई न होने से इनमें गंदगी अटी हुई है। इन हालात में अब भी नालों की सफाई शुरू होती है, तब भी डीसी से जारी 15 जून तक की डेडलाइन में काम पूरा होना मुश्किल नजर आ रहा है।
निगम स्तर पर नहीं लगा काम
अप्रैल के आखिरी सप्ताह में नगर निगम अफसरों ने नगर निगम के अंतर्गत बड़े -छोटे 39 नालों को सफाई के लिए दो जोन में बांटकर टेंडर जारी किए थे। इनमें जोन-1 में वार्ड-1 से 7 के 12 नाले व जोन-2 में वार्ड-8 से 22 के 27 नाले हैं। लेकिन टेंडर के लिए ठेकेदार नहीं मिले, जिससे अब इन्हें रिकॉल करना पड़ा। पहली बार में टेंडर सिरे ना चढ़ने पर संयुक्त आयुक्त अशोक कुमार ने आठ मई को तीनों मुख्य सफाई निरीक्षकों को आदेश दिए कि जब तक टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होती, यह काम निगम स्तर पर कराएं, इसके बावजूद नालों के मौजूदा हालात बताते हैं कि अब तक यह आदेश भी बेअसर साबित हुए।
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अफसरों की लापरवाही पड़ेगी शहर पर भारी
विपक्षी पार्षदों में वार्ड-4 से देवेंद्र सिंह व वार्ड-13 से निर्मल चौहान ने कहा कि नगर निगम अफसर मानसून की बरसात में शहर को जलभराव से बचाने को लेकर गंभीर नहीं दिख रहे। क्योंकि अब तक जलभराव की वजह बनने वाले नालों की सफाई शुरू नहीं हुई, यही लापरवाही हर वर्ष की तरह मानसून की बरसात में पूरे शहर पर जलभराव के रूप में भारी पड़ेगी।
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वर्जन
नालों की सफाई के टेंडर लगाए हैं। साथ ही निगम स्तर पर भी यह काम शुरू कराने के आदेश दिए हैं। बरसात से पहले समय पर यह काम पूरा कर लिया जाएगा।
-अशोक कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
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