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Yamuna Nagar News: राजमा, गुड़ और दलिया में लगी मिली फफूंदी

Sat, 07 Mar 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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व्यासपुर खंड के राजकीय स्कूलों में भेजा गया खराब गुड़। ​शिक्षक
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर/व्यासपुर। राजकीय स्कूलों में मिड-डे मील के लिए भेजे गए सूखे राशन की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। कई स्कूलों में राजमा, गुड़ और दलिया जैसी खाद्य सामग्री में फफूंदी लगी पाई गई है। खराब राशन की अब तक 12 शिकायतें जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय तक पहुंच चुकी हैं।
जिले में राजकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के कुल 914 राजकीय स्कूल हैं। इन स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले 65,134 विद्यार्थियों को प्रतिदिन दोपहर के समय मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान में स्कूलों को जो सूखा राशन सप्लाई किया जा रहा है, उसकी गुणवत्ता बेहद खराब है।
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शिक्षकों के अनुसार मिड-डे मील में इस्तेमाल होने वाले राजमा, दलिया और गुड़ में कई जगह फफूंदी लगी है। गुड़ की स्थिति इतनी खराब है कि उसे देखकर यह पहचानना भी मुश्किल हो रहा है कि वह गुड़ ही है या फिर कोई दूसरी आइटम। कई स्कूलों से मिली जानकारी के अनुसार गुड़ पूरी तरह काला पड़ चुका है और ऐसा प्रतीत होता है जैसे वह कई साल पुराना हो।
इतना ही नहीं, स्कूलों में सप्लाई किए जा रहे सूखे राशन और मसालों की पैकिंग पर न तो निर्माण तिथि अंकित है और न ही एक्सपायरी डेट का उल्लेख है। इससे खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि यदि बिना जांच के इस राशन से भोजन बनाकर बच्चों को परोस दिया होता तो उनके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ जाता।
शिक्षक नेताओं ने राशन सामग्री पर उठाए सवाल

हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के राज्य महासचिव विनोद मोहड़ी और जिला प्रधान सतपाल का कहना है कि जिले के कई विद्यालयों से यह शिकायत सामने आई है कि हरियाणा एग्रो से सप्लाई की गई ग्रॉसरी की कुछ वस्तुएं समय से पहले ही खराब हो रही हैं। इनमें विशेष रूप से गुड़, राजमा और मूंगफली गिरी शामिल हैं। खराब खाद्य सामग्री के कारण विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में विभाग को इस मामले की गंभीरता से जांच कर जिम्मेदार एजेंसी और विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
पहले खुद ही राशन खरीदते थे अध्यापक

इस बार स्कूलों में मिड-डे मील के लिए राशन की सप्लाई हरियाणा एग्रो एजेंसी ने की जा रही है। पहले राशन की खरीदारी सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से अध्यापक स्वयं करते थे। अब एजेंसी के माध्यम से राशन सप्लाई होने के बाद कई स्कूलों में घटिया और खराब गुणवत्ता की सामग्री पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
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मिड डे मील के खराब राशन की शिकायतें एग्रो एजेंसी के अलावा शिक्षा विभाग के निदेशक को भेज दिया है। अभी भी शिकायतें आ रही हैं। कुछ जगह पर एजेंसी ने राशन बदला भी है। अध्यापकों से कहा है कि वह राशन की अच्छी तरह से जांच करके ही भोजन बनवाएं। - अशोक राणा, डीईईओ, यमुनानगर।
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