फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रांसफर के बाद मॉडल स्कूलों को नहीं मिले अध्यापक, 23 शिक्षकों के कंधों पर 2700 विद्यार्थियों का भविष्य

विज्ञापन
विज्ञापन
बिलासपुर। ट्रांसफर पॉलिसी के तहत ज्यादातर राजकीय स्कूलों से अध्यापक दूसरे स्कूलों में गए और नए आए भी। राजकीय आदर्श संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ाने वाले अध्यापक दूसरे स्कूलों में गए तो, लेकिन ट्रांसफर होने के बाद कोई नया अध्यापक इनमें नहीं आया। कई विषयों का मॉडल स्कूलों में एक भी अध्यापक नही है। इनमें कामर्स संकाय, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, इतिहास, जियोग्राफी, म्यूजिक, चित्रकला, संस्कृत, पंजाबी शामिल हैं।
विज्ञापन

शिक्षा विभाग ने मॉडल स्कूलों से अध्यापकों से तबादले तो कर दिया लेकिन दूसरों अध्यापकों का मॉडल स्कूल में प्रवेश के कोई विकल्प नहीं दिया गया। सेंटा टेस्ट में पास होने वाले अध्यापक ही मॉडल स्कूल में शिक्षण के लिए आ सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आगामी 20 सितंबर को सेंटा टेस्ट ऑनलाइन होगा। इस बावत अध्यापकों का कहना है कि उन्हें इस टेस्ट के बारे में फिलहाल कोई जानकारी ही नहीं है। ऐसे में माडल स्कूल में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों को भरने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे। अध्यापकों की माने तो सेंटा टेस्ट होने, परिणाम आने व स्कूलों में नियुक्ति होने तक में करीब डेढ़ से दो माह का समय लग जाएगा। ऐसे में तब तक पूरी व्यवस्था ही बिगड़ जाएगी।
अभिभावक बलविंद्र सिंह, संदीप कुमार, अरूण कुमार का कहना है कि राजकीय मॉडल स्कूल में बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, परंतु स्कूल में अध्यापकों के अलावा नॉन टीचिंग स्टाफ की भी कमी है। अंग्रेजी विषय के चार पद स्वीकृत हैं जो सारे रिक्त हैं। पीजीटी के लिए तीन पद रिक्त हैं। प्राइमरी विंग में हेडटीचर के सेवानिवृत्त होने के पश्चात पद खाली है। तबादल नीति से पूर्व विद्यालय में 27 अध्यापकों के पद रिक्त थे जो अब 37 हो गए हैं।
विज्ञापन

बॉक्स
23 शिक्षकों के कंधों पर 2700 विद्यार्थियों का भविष्य
कस्बा के राजकीय आदर्श संस्कृति सीसे स्कूल 2700 विद्यार्थियों भविष्य केवल 23 अध्यापकों पर आ गया है। विद्यालय में कक्षा छठी से 12वीं तक अध्यापकों के 60 पद स्वीकृत है। जिसमें से 37 पद रिक्त है। सीनियर सेकेंडरी स्तर पर विज्ञान, कॉमर्स व कला संकाय के 1000 से अधिक छात्र हैं। कामर्स संकाय का एक भी अध्यापक स्कूल में नहीं है। वही जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान इतिहास, जियोग्राफी, म्यूजिक, चित्रकला, संस्कृत, पंजाबी का कोई अध्यापक नहीं है। खुद अध्यापक भी असमंजस में हैं कि वह बच्चों को क्या पढ़ाएं। स्टाफ की कमी के चलते उन्हें दूसरे सब्जेक्ट भी बच्चों को पढ़ाने पड़ रहे हैं। अध्यापक न होने से विद्यार्थी दिनभर खाली बैठे रहते हैं।
जल्द भरे जाएंगे रिक्त पद: नरेश पाल
बीईओ बिलासपुर नरेश पाल का कहना है कि ट्रांसफर पॉलिसी के बाद मॉडल स्कूलों में काफी पद रिक्त हो गए हैं। इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए अध्यापकों को सेंटा टेस्ट पास करना जरूरी है। जल्द ही सेंटा टेस्ट होगा। कुछ अध्यापक इस टेस्ट को दे भी चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें