संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। रॉयल्टी कंपनी की तरफ से दी जा रही परचेज को फर्जी बताकर प्रशासन द्वारा गाड़ियां पकड़ी जा रही हैं। जबकि सरकार की ओर से निर्धारित रॉयल्टी कंपनी द्वारा परचेज दी जा रही है। कागजात होने के बाद भी सड़क पर निकलते ही खनन सामग्री के वाहनों को पकड़ लिया जाता है। यह आरोप लगाते हुए खनन कारोबारी व ट्रांसपोर्टर रविवार रात से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। इसके लिए उन्होंने सोमवार को टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया है।
उनकी मांग है कि जब तक पकड़ी गईं गाड़ियां नहीं छोड़ी जाती व परचेज के दाम कम नहीं किए जाते तब तक धरना जारी रहेगा। स्क्रीन प्लांट संचालक एवं ट्रांसपोर्टर अरुण कुमार, बल्लेवाला, पुष्पेंद्र देवधर, विनोद कुमार, योगेश कुमार, इमरान, महावीर बेगमपुर, राकेश, सोनू नैनावाली, योगेश कुमार, इमरान, अरुण, सुरेंद्र, सोनी, विकास, संजय जनेश्वर ने कहा कि परचेज लेकर रेत बजरी से गाड़ियां भरकर अपना कारोबार कर रहे हैं। नाकों पर चेकिंग कर बिल फर्जी बताए जा रहे हैं।
इस बारे में रॉयल्टी कंपनी का कहना है कि कंपनी की तरफ से 65 प्रतिशत सेंड व 35 प्रतिशत बोल्डर की परचेज दी जा रही है। कंपनी का कहना है कि रेत की परचेज पर रेत ही होगा तो नहीं पकड़ा जा सकता है। वहीं, यदि रेत की परचेज और बिल बजरी का है तब गाड़ी पकड़ी जा सकती है।
ऐसा ही दो दिन पहले हुआ है। जिसमें बिल सेंड का था और गाड़ियों में बजरी भरी हुई थी। रॉयल्टी कंपनी की तरफ से दो भागों में अलग-अलग रेत बजरी की परचेज दी जा रही है, तो ट्रांसपोर्टर उसी हिसाब से गाड़ियां भरे तो उनको कोई दिक्कत नहीं होगी। परंतु सेंड की परचेस पर बोल्डर भरा जाएगा तो उसमें रॉयल्टी कंपनी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।