नवजात बच्चे के साथ संस्था के सदस्य
- फोटो : AMAR UJALA
छछरौली लॉक डाउन के दौरान राधा स्वामी सत्संग भवन में रह रही दो बच्चों की मां प्रवासी महिला मजदूर ने रात एक बच्चे को जन्म दिया। पढ़ो लिखो बढ़ो संस्था की ओर से जच्चा बच्चा दोनो के लिए वस्त्र, ज़रूरत का सामान एवं नकदी दी गई। लॉक डाउन के दौरान एक महीना पूर्व पैदल अपने मूल स्थान बिहार की ओर लौटते प्रवासी मजदूरों को राधा स्वामी सत्संग भवन में ठहराया गया। प्रवासी मजदूरों में 32 वर्षीय महिला शांति देवी को भी दो छोटे बच्चों के साथ रोक लिया गया। प्रवासी महिला शांति देवी लॉक डाउन लागू किए जाने के समय 8 महीने की गर्भवती थी । जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं । डॉक्टरों की टीम महिला व बच्चे के स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। प्रवासी महिला मजदूर के साथ 3 वर्ष व 5 वर्ष के दो बच्चे साथ हैं। महिला के साथ 3 वर्षीय व पांच वर्षीय दो बच्चे व पति साथ हैं। बीती रात महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। सेंटर के इंचार्ज धर्मपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि महिला के स्वास्थ्य पर पहले से ही डॉक्टरों की टीम नजर रखे हुए थी। प्रसव पीड़ा शुरू होते ही उसे तुरंत सीएचसी ले जाया गया। कुछ देर के बाद महिला ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। धर्मपाल ने बताया कि जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ हैं ।महिला की विशेष केयर की जा रही है। उनकी डाइट भी बदल दी गई है। शेल्टर होम के इंचार्ज धर्मपाल ने बताया कि डिलीवरी का पता चलते ही समाजसेवी लोगों ने बच्चे को पहनने के लिए वस्त्र भेंट किए गए हैं । पढ़ो लिखो बढ़ो संस्था की ओर से इरफान खटाना ने वस्त्र, ज़रूरत का सामान एवं नकदी दी गई।