प्रिया अरोड़ा को फूल माला पहनाकर आभार जताते अभिभावक।
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यमुनानगर
शांति फाउंडेशन की प्रिया अरोड़ा लॉकडाउन के तहत ना केवल जरूरतमंदो को भोजन उपलब्ध करा रही हैं, बल्कि लॉकडाउन की वजह से दूसरे राज्यों में फंसे बच्चों को भी वापस लाने का काम कर रही हैं। शनिवार को प्रिया अरोड़ा लुधियाना से शहर के 2 बच्चों को वापिस लाई और उनके परिवार वालो को सौंपा। इस पर परिवार वालों ने प्रिया अरोड़ा को फूलों का हार पहनाकर धन्यवाद किया। प्रिया अरोड़ा ने बताया कि न्यू मार्केट के सौधी मोहल्ला के संदीप सचदेवा का उनके पास फोन आया था कि उनकी बेटी मिस्टी 10 साल की है और वह 13 मार्च के करीब छुट्टियों के चलते अपनी नानी के घर गई थी, लेकिन उन्हें यह नहीं पता था कि लॉकडाउन हो जाएगा। लॉकडाउन की वजह से वह वही है। वह अपनी बेटी को वापिस लाने के लिए कई बार जिला प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वहां उनकी लड़की बहुत उदास हो चुकी है, वह वापस आना चाहती है। प्रिया अरोड़ा ने बताया कि इस पर उन्होंने जिला उपायुक्त से बात की और एसडीएम वगैरह से मिलकर परमिशन ली। सुबह हम लुधियाना के लिए रवाना हुए और लुधियाना में मिष्टी का इंतजार कर रहे थे तो हमने अपना वह पल फेसबुक पर लाइव चलाया हुआ था, जिसे देखकर मधु कॉलोनी के राजीव बख्शी ने उन्हें फोन करके बताया कि उनका बेटा भी लुधियाना में ही फंसा है, उसे भी वहां से लेकर आए। ऐसे में उन्होंने उन्हें अपनी जगह का पता बता कर, उस लड़के को वहां भेजने के लिए कह दिया और इस तरह वह दोनों बच्चों को वहां से वापस लेकर आई। उन्होंने बताया जैसे ही उन्होंने उन बच्चों को उनके परिजनों को सौंपा तो उन्हें बहुत खुशी हुई।