राजकीय आईटीआई में विद्यार्थियों को तंबाकू न खाने की शपथ दिलाते डॉक्टर। स्वयं
यमुनानगर। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) के तत्वावधान में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को राजकीय आईटीआई यमुनानगर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम डिप्टी सिविल सर्जन (एनटीसीपी) डॉ. बुलबुल कटारिया की देखरेख में हुआ।
डॉ. बुलबुल कटारिया ने कहा कि तंबाकू सेवन न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी एक बड़ा खतरा है। सभी छात्र स्वयं तंबाकू से दूर रहें और अपने परिवार तथा समुदाय को भी इसके विरुद्ध जागरूक करें। छात्र जीवन में लिए गए निर्णय भविष्य को गहराई से प्रभावित करते हैं। छात्रों की रचनात्मकता व जागरूकता की सराहना करते हुए प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। चार्ट प्रतियोगिता में कोमल को पहला, सुनील को दूसरा व सलोनी को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
एनटीसीपी की टीम ने वर्ष 2025 की थीम, आकर्षण को बेनकाब करना : तंबाकू और निकोटीन उत्पादों पर उद्योग की रणनीति को उजागर करने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रिंसिपल दीपेश महेंद्रू की अनुपस्थिति में प्लेसमेंट ऑफिसर किरणपाल सिंह ने इस थीम की विशेषताएं बताईं। उन्होंने कहा कि आकर्षक स्वाद तंबाकू उत्पादों की हानिकारक प्रकृति को छिपा देते हैं। निकोटीन उत्पादों को नशे की लत पैदा करने के लिए विशेष रूप से स्वाद और आकर्षक डिजाइन के माध्यम से तैयार किया जाता है। सोशल मीडिया पर लक्षित विज्ञापन के कारण बच्चों को 3.4 बिलियन से अधिक बार प्रचार सामग्री देखने को मिली है। एनसीसी ऑफिसर कैप्टन निर्मल सैनी ने कहा कि 13-15 वर्ष की आयु के 37 मिलियन से अधिक बच्चे पहले से ही तंबाकू का उपयोग कर रहे हैं। जिले की सभी सीएचसी, पीएचसी और स्वास्थ्य उप केंद्रों में तंबाकू से दूर रहने की शपथ दिलवाई।