यमुनानगर। मोबाइल का लगातार प्रयोग शरीर के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है। लोगों की 30 सेकेंड की रील देखने की आदत उन्हें मानसिक रूप से बीमार बना रही है। आए दिन युवाओं में मानसिक तनाव की प्रवृति बढ़ रही हैं। इसके साथ ही नशे की प्रवृत्ति के कारण युवा मानसिक बीमारियों का शिकार बन रहे हैं। ये जानकारी विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर यमुनानगर में मानिसक रोगों की पड़ताल के दौरान प्राप्त हुई।
जिले के नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 120 मानसिक रोगी नागरिक अस्पताल की ओपीड़ी में पहुंच रहे हैं। इनमें प्रतिदिन 12से 15 बच्चे हैं, जबकि सबसे अधिक संख्या 20 से 40 साल के आयु वर्ग के लोगों की है। स्वास्थ्य विभाग की माने तो लोगों में अवसाद, तनाव, एंजाइटी जैसे मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जिले की लगभग 70 फीसदी आबादी मानसिक अवसाद से जूझ रही है। मनोचिकित्सक बताते हैं कि इन दिनों 30 सेकेंड की रील बनाने का ट्रेंड लोगों के दिमाग को हाईजेक कर रहा है। मानसिक अस्वस्थता का यह बड़ा कारण बनता जा रहा है। एक रील के फेर में लोग घंटों इसी में बिता देते हैं। उनका काम और नींद दोनों इससे प्रभावित हो रहे हैं। जिससे तनाव और एंजाइटी बढ़ रही है।
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नशा भी है कारण
जिले में नशे की प्रवृति भी बढ़ रही है। यही नशे के आदि व्यक्ति में भी मानसिक तनाव के मामले बढ़ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में ऐसे लोगों के लिए अलग से नशा मुक्ति वार्ड बनाया गया है। जिसमें 15 बैड आरक्षित किए गए हैं। वर्तमान समय में वार्ड में 13 व्यक्ति भर्ती हैं।
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ऑनलाइन गेमिंग बिगाड़ रहा दिमाग का संतुलन : डॉ. दिव्य मंगला
डिप्टी सिविल सर्जन दिव्य मंगला के मुताबिक बच्चों में ऑनलाइन गेमिंग का एडिक्शन खूब मिल रहा है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इन खेलों को इसी तरह डिजाइन किया जाता है कि खेलने वाला अपनी पूरी ऊर्जा और क्षमता इन्हें खेलने में लगा देता है। वर्चुअल होने के बाद भी लोग इन्हें रियल मानकर खेलते हैं। दिमाग हर वक्त इन खेलों का बारे में ही सोचने लगता है।
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व्यायाम करें और मन को शांत रखें : डॉ. नवीन
नागरिक अस्पताल में तैनात मनोचिकित्सक डॉ. नवीन शर्मा ने बताया कि मानसिक तनाव और अवसाद के मामले बढ़ रहे हैं। इससे बचाव के लिए लोगों को कुछ सावधानी बरतनी चाहिए। जिस तरह से स्वास्थ्य के लिए व्यायाम करना जरूरी है। उसी तरह से मानसिक रोग से बचाव के लिए भी व्यायाम जरूरी है। प्रतिदिन योगा करें, मोबाइल और टीवी देखने का समय कम करें। जरूरी होने पर ही इंटरनेट का प्रयोग करें। रील बिल्कुल नहीं देखनी चाहिए। बच्चों को नशे की प्रवृति से बचाना चाहिए।
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