संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सीटू, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के कार्यकर्ताओं ने पानीपत रिफाइनरी के हड़ताली मजदूरों की मांगों के समर्थन में केंद्रीय श्रम मंत्री केंद्र सरकार और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। संगठनों ने मजदूरों की समस्याओं का जल्द समाधान करने और कथित दमनात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
इस मौके पर सीटू जिला संयोजक शरबती, एसकेएस के राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज और रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान जोत सिंह ने बताया कि 23 फरवरी से पानीपत रिफाइनरी के हजारों ठेका मजदूर हड़ताल पर हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। मजदूर वेतन बढ़ोतरी और श्रम कानूनों के पालन को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन वेतन वृद्धि के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे मजदूरों में रोष है।
नेताओं ने कहा कि रिफाइनरी प्रबंधन ने मजदूरों से बातचीत की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। आरोप है कि कुछ लोगों द्वारा मजदूरों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया और आंदोलन के समर्थन में आए नेताओं के खिलाफ जबरन हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए निंदा की।
ज्ञापन में सात प्रमुख मांगें उठाई गईं, जिनमें ठेका मजदूरों की वेतन बढ़ोतरी का सम्मानजनक समाधान और त्रिपक्षीय समझौता, आठ घंटे की ड्यूटी का सख्ती से पालन, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, हर माह सात तारीख से पहले वेतन , पीएफ-ईएसआई समेत श्रम कानूनों का पालन, कार्यस्थल पर सुविधाएं उपलब्ध कराने व एफआईआर रद्द कर गिरफ्तार लोगों की रिहाई शामिल है।