संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। खेतों में बिजली के टावर लगाने को लेकर भारतीय किसान यूनियन और डीसी की वीरवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक में दोनों पक्ष अपने तथ्यों को लेकर अड़े रहे, जिस कारण बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे।
जिलास्तर पर बैठक विफल होने के बाद अब भाकियू ने यह मामला अंबाला मंडल आयुक्त के पास ले जाने की घोषणा की है।
इस बैठक में भाकियू का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने किया था। बैठक दोपहर करीब एक बजे डीसी कार्यालय में हुई। इस दौरान किसानों ने टावर लगाने के बदले मिल रहा मुआवजा बेहद कम बताया।
वहीं टावर लगाने के दौरान कटने वाले पेड़ों के मुआवजा भी नाकाफी होने की बात कही परंतु डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कमेटी रिपोर्ट के अनुसार किसान नेताओं से बात की, लेकिन बैठक बेनतीजा रही। जिसके बाद गुरनाम सिंह चढूनी ने मामला मंडल आयुक्त के पास लेकर जाने की बात कही है।
उल्लेखनीय इस मामले को लेकर प्रशासन व किसानों के बीच काफी दिन से तनातनी चल रही है। इसके लिए डीसी की ओर से जिलास्तरीय कमेटी बनाई गई थी। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट दे दी है, जिसमें किसानों को भूमि का क्लेक्टर रेट के अनुसार मुआवजा देने की बात कही गई है, जो किसानों को मंजूर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जबरदस्ती की जा रही है, लेकिन किसानों ने काम नहीं शुरू होने दिया।
गुरनाम सिंह चढू़नी ने कहा कि टावर मुद्दे को हल करने के लिए डीसी ने एक कमेटी बनाई थी। कमेटी ने जो फैसला दिया है उससे किसान सहमत नहीं है। किसानों ने मुआवजा बढ़ाने को लेकर दूसरे जिलों में बड़े रेट के फैसले की कॉपी डीसी को दी। किसानों ने कहा कि कमेटी के फैसला से किसान संतुष्ट नहीं है लेकिन डीसी कमेटी रिपोर्ट के अनुसार मुआवजा देने की बात पर रहे। ऐसे में कोई नतीजा न निकलने पर बैठक यूं ही समाप्त हो गई।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि इस मामले को लेकर वे अंबाला मंडल कमिश्नर को शिकायत देंगे। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा टावर लगाने का काम शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, निदेशक मनदीप रोडछप्पर, युवा जिला अध्यक्ष संदीप टोपरा, जिला महासचिव गुरबीर सिंह, जगाधरी ब्लॉक अध्यक्ष कृष्णपाल बराड़ा, ब्लॉक अध्यक्ष जयदीप सिंह, राजेश, रविंद्र सहित अन्य मौजूद रहे।