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Yamuna Nagar News: कुश्ती से हो रही अजीजपुर कलां की पहचान....

Fri, 14 Jun 2024 05:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। बिलासपुर खंड में अजीजपुर कलां की पहचान कुश्ती खेल से होने लगी है। यहां वर्ष 2021 से चल रहे अखिल शर्मा पहलवान अखाड़े से एक के बाद एक कुश्ती के नए खिलाड़ी मिल रहे हैं। तीन खिलाड़ी तो राष्ट्र स्तर पर मुकाम हासिल कर चुके हैं, वहीं सात खिलाड़ी राज्य स्तर पर और 25 खिलाड़ी जिला स्तर पर पदक ला चुके हैं। सभी का सपना देश के लिए ओलंपिक में खेलने और पदक जीतने का है, जिसके लिए अखाड़े में सुबह-शाम तीन-तीन घंटे कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। ज्ञात हो कि अखाड़े से कुशाल, हर्षित, देवेंद्र, कुनाल, कीरत, इशिका, विनित के राज्य स्तर पर पदक विजेता हैं, वहीं देवेंद्र व इशिका ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में प्रतिस्पर्धा कर चुके हैं। अन्य कई खिलाड़ी भी अलग-अलग प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर पदक जीत चुके हैं।
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अखाड़े के संचालक सुशील शास्त्री ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2021 में यह अखाड़ा शुरू किया। इसके पीछे सोच यही थी कि किशोर व युवा वर्ग नशे से दूर रहे। कुश्ती जैसा खेल में एक ओर खिलाड़ी शरीर को तंदुरुस्त रखता है, वहीं विभिन्न स्तर पर प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर पदक व नौकरी भी हासिल कर सकता है। ऐसे ही देश में सबसे ज्यादा हरियाणा के खिलाड़ी इस खेल में अंतर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत पहचान बना रहे हैं, इसलिए इस खेल में अधिक से अधिक किशोर व युवा वर्ग को आना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह खुद भी हफ्ते में एक दिन खिलाड़ियों को संस्कारवान बनने की शिक्षा देते हैं।
खिलाड़ियों की सुविधा को हॉस्टल भी शुरू
अखाड़े के कोच 24 वर्षीय निखिल शर्मा अखाड़े के संचालक सुशील शास्त्री के बेटे हैं। निखिल एनआईएस सर्टिफाइड कोच हैं। जिन्होंने पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान से स्पोर्ट्स परफॉरमेंस एनेलाइस का डिप्लोमा किया है। वह जिले में अकेले ऐसे कोच हैं, जिसने यह डिप्लोमा किया। निखिल खुद भी खेल में कई पदक अपने नाम कर चुके हैं। निखिल ने बताया कि शुरू में अखाड़े में 20 खिलाड़ी थे, जिनकी मौजूदा समय में संख्या दोगुना है। जिन्हें खेल की हर तकनीक बारे बताया जाता है। उनके मार्गदर्शन के साथ खिलाड़ियों की मेहनत व उनके अभिभावकों के सहयोग से कई खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्र स्तर पर पदक जीत लाए हैं। जनवरी-2024 से अखाड़े में होस्टल भी शुरू कर दिया है, जिससे खिलाड़ी यहीं रहकर पूरा फोकस खेल पर बना सकें।
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