संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर में लोगों के स्वास्थ्य से खुलेआम खिलवाड़ किए जाने पर स्वास्थ्य विभाग ने बिना अनुमति के दुर्गा गार्डन चल रहे क्लीनिक पर छापा मारा। यहां बिना लाइसेंस के न केवल क्लीनिक चलाया जा रहा था बल्कि एलोपैथिक दवाओं का अवैध इस्तेमाल कर मरीजों की जान को खतरे में डालने का काम किया जा रहा था।
दुर्गा गार्डन क्षेत्र में पीएनडीटी और ड्रग कंट्रोल विभाग की संयुक्त टीम ने क्लीनिक पर छापा मारकर भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं और इंजेक्शन बरामद किए, जिनके संबंध में क्लिनिक संचालक कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार दुर्गा गार्डन क्षेत्र लंबे समय से विभाग की निगरानी में था।
कुछ समय पहले यहां भ्रूण मिलने की सूचना के बाद से इलाके में लगातार जांच और निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान बिना लाइसेंस क्लिनिक संचालित होने और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आईं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने जांच अभियान चलाया और कई केमिस्ट दुकानों की भी पड़ताल की।
सोमवार को जांच के दौरान टीम जब डॉ. सुनील के क्लिनिक पर पहुंची तो वहां से बड़ी मात्रा में अंग्रेजी दवाएं और इंजेक्शन बरामद हुए। पूछताछ में क्लिनिक संचालक दवाओं की खरीद, स्टॉक और उपयोग से संबंधित कोई भी बिल या लाइसेंस पेश नहीं कर सका। इसके अलावा मौके पर स्टॉक रजिस्टर भी नहीं मिला, जो नियमों का गंभीर उल्लंघन है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की लापरवाही सीधे तौर पर मरीजों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है।
पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन ने बताया कि अवैध रूप से क्लिनिक चलाना और बिना अनुमति एलोपैथिक दवाओं का इस्तेमाल कानूनन अपराध है। विभाग का उद्देश्य ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर आम जनता को सुरक्षित रखना है। वहीं ड्रग कंट्रोल ऑफिसर बिंदू धीमान ने कहा कि क्लिनिक पर दवाओं का अवैध भंडारण किया गया था।
उन्होंने बताया कि आरोपी के पास दवाएं रखने का कोई लाइसेंस नहीं था, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से छह दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।