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Yamuna Nagar News: विकास की फाइलें अटकने पर मेयर ने मांगा ई-ऑफिस का मास्टर लॉगिन

Tue, 24 Feb 2026 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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नगर निगम यमुनानगर जगाधरी कार्यालय। आर्काइव
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राजेश कुमार
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यमुनानगर। नगर निगम में विकास कार्यों की फाइलें दफ्तरों में उलझ कर रह जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। छोटे-छोटे कार्यों की स्वीकृति महीनों तक लंबित रहने से न केवल पार्षदों में नाराजगी है, बल्कि आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ऐसे में मेयर सुमन बहमनी ने काम में देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। मेयर ने नगर निगम के ई-ऑफिस सिस्टम का मास्टर लॉगिन मांगा है, ताकि वे स्वयं देख सकें कि किस अधिकारी के स्तर पर कौन-सी फाइल लंबित है। फिलहाल मास्टर लॉगिन की आईडी व पासवर्ड निगम अधिकारियों के पास ही रहता है और मेयर को फाइलों की वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी नहीं मिल पाती।
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नगर निगम की 16 फरवरी को हुई बजट बैठक में भी फाइलों के लंबित रहने का मामला जोर-शोर से उठा था। कई पार्षदों ने आरोप लगाया था कि विकास कार्यों से जुड़ी फाइलें महीनों तक क्लीयर नहीं हो पातीं। कभी टेंडर प्रक्रिया का हवाला दिया जाता है तो कभी तकनीकी आपत्तियों के नाम पर काम अटका दिया जाता है।
वार्ड तीन के पार्षद जयंत स्वामी ने कहा कि उनके क्षेत्र के कई छोटे विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से लंबित हैं। बार-बार याद दिलाने के बावजूद स्वीकृति नहीं मिल रही। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष है। इसी तरह वार्ड सात के पार्षद प्रियांक शर्मा का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में अनावश्यक देरी की जा रही है। यह समय पर प्रक्रिया पूरी हो जाए तो अधिकांश कार्य तय समय सीमा में पूरे हो सकते हैं। वार्ड 20 के पार्षद विक्रम राणा ने भी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि काम के प्रति गंभीरता की कमी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। गली-नालियों के निर्माण, मरम्मत, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सफाई जैसे बुनियादी कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे।
इससे लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा कोई वार्ड नहीं जिसमें सीवरेज जाम, टूटी सड़कें, खराब लाइटें, कूड़े का उठान, सफाई न होने जैसी समस्याएं न हों। पार्षदों का कहना है कि जब लोग काम न होने की शिकायत लेकर आते हैं तो उन्हें जवाब देना मुश्किल हो जाता है। जनता की नजर में सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। संवाद
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ई-ऑफिस का मास्टर लॉगिन मिलने से सीधे मॉनिटरिंग कर सकूंगी और यह तय हो सकेगा कि देरी किस स्तर पर हो रही है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के स्तर पर अनावश्यक रूप से फाइलें लंबित पाई गईं तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी संभव है। -सुमन बहमनी, मेयर, नगर निगम।
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