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Yamuna Nagar News: धान की बोरियों से अटी मंडियां, फसल बेचने के लिए करना पड़ रहा इंतजार

Thu, 15 Oct 2026 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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मंडी के शेड में जगह न होने के कारण सड़क के डिवाइडर पर रखी धान की बोरियां। संवाद - फोटो : Archive
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जगाधरी। जिले की अनाज मंडियों में धान की खरीद के बाद उठान की रफ्तार किसानों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। मंडियों में धान की बोरियां जमा होती जा रही हैं, उनके उठान के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से जगह का संकट गहराने लगा है। संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदर्शन के बाद जब जिले की पांच प्रमुख मंडियों की जमीनी हकीकत खंगाली गई तो मंडियों में बोरियों के अलावा धान खुले में पड़ी थी। किसान फसल लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें जगह नहीं मिल रही है। ऐसे में उन्हें काफी इंतजार करना पड़ रहा है। जिले की इन पांच मंडियों से छह लाख से ज्यादा बोरियां पड़ी हैं। इसी कारण किसानों ने बुधवार को प्रदर्शन किया।
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जगाधरी अनाजमंडी में शेड और फड़ ही नहीं, बल्कि सड़कें और डिवाइडर भी धान की बोरियों से भरे मिले। हालात ऐसे हैं कि किसानों को धान सुखाने के लिए खाली स्थान नहीं मिल रही। किसानों को सड़क पर ही धान फैलाना पड़ रहा है। इन सड़कों से गुजरने वाले भारी वाहनों के पहियों के नीचे धान टूटकर बर्बाद हो रहा है। ऐसे में किसानों के सामने उपज बचाने और मंडी में जगह मिलने का संकट एक साथ खड़ा हो गया है। जगाधरी मंडी में अब तक 25929 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 23,306 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है। इसमें से अभी 12,551 मीट्रिक टन का उठान हुआ है। अभी जगाधरी मंडी में 56 प्रतिशत धान उठान के इंतजार में पड़ा है।
जहां नजर डालो, वहीं धान की बोरियां
जगाधरी अनाज मंडी में सामान्य तौर पर शेड में रखी जाने वाली बोरियां अब खुले फड़ों से निकलकर सड़कों और डिवाइडरों तक पहुंच गई हैं। मंडी परिसर में जगह-जगह बोरियां जमा होने के कारण आवागमन और नई उपज रखने की जगह नहीं मिल रही है। जिन स्थानों पर किसान धान उतारते हैं, सुखाते हैं या अपनी फसल को बिक्री के लिए तैयार करते हैं, वहां भी बोरियों का कब्जा है।
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मार्केट कमेटी की ओर से सड़क किनारे और डिवाइडर पर भी बोरियां रखी गई हैं। किसानों के लिए सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि खेत से धान लेकर मंडी पहुंचने के बाद उसे कहां उतारें और कहां सुखाएं। खरीद प्रक्रिया में शामिल होने के बाद भी उन्हें अपनी उपज संभालने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। धान सुखाने के लिए पर्याप्त खाली स्थान नहीं मिलने के कारण किसान सड़क पर धान फैलाने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से ट्रक और दूसरे भारी वाहन गुजरते हैं। वाहनों के पहियों के नीचे आने से धान टूटता है और उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ नुकसान की आशंका है।

साढौरा और छछरौली में भी जगह का संकट

पड़ताल में साढौरा और छछरौली अनाज मंडियों में भी धान की बोरियों के जमाव और उठान से जुड़ी परेशानियों की स्थिति सामने आई। यहां भी मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर किसानों की दिक्कतें कम नहीं हैं। धान की आवक के बीच खरीदी गई उपज का समय पर उठान नहीं होने से मंडी में जगह और संचालन पर दबाव बढ़ता है। ऐसी स्थिति में किसानों को अपनी फसल उतारने, सुखाने और संभालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। धान की धीमी खरीद और समय पर उठान न होने के कारण मंडियों में फसल के ढेर लगे हैं। इससे नई फसल लेकर आने वाले किसानों के लिए जगह की कमी हो रही है। किसानों और आढ़तियों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। छछरौली में मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया गया। किसानों ने मांग की कि पोर्टल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया सरल बनाई जाए और फसल का सत्यापन समय पर किया जाए। मंडियों में पहुंचने वाले धान की खरीद में अनावश्यक देरी न हो और खरीदे गए धान का उठान तेज किया जाए।
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रादौर और व्यासपुर में भी किसान परेशान
रादौर और व्यासपुर अनाज मंडियों में भी किसान धान खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर परेशान हैं। धान की आवक के बीच खरीद, उठान और भुगतान की प्रक्रिया में तालमेल किसानों के लिए अहम है। उठान की गति धीमी रहने पर मंडी में जगह की उपलब्धता प्रभावित होती है और इसका सीधा असर अगली खेप लेकर आने वाले किसानों पर पड़ता है। रादौर मार्केट कमेटी सचिव संदीप कुमार के अनुसार रादौर अनाजमंडी में हैफेड ने अब तक 1,09,508 क्विंटल और वेयरहाउस ने 83,035 क्विंटल धान की खरीद की है। दोनों एजेंसियों की कुल खरीद 1,92,543 क्विंटल हो चुकी है। गुमथला मंडी में 29,622 क्विंटल और जठलाना में 14,940 क्विंटल धान खरीदा गया है। सचिव के अनुसार, रादौर मंडी में 97,700 कट्टों का उठान हो चुका है, जबकि 94,843 कट्टे अभी फड़ पर पड़े हैं। उन्होंने इनके जल्द उठान की बात कही। संवाद
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मंडी के शेड में जगह न होने के कारण सड़क के डिवाइडर पर रखी धान की बोरियां। संवाद- फोटो : Archive

मंडी के शेड में जगह न होने के कारण सड़क के डिवाइडर पर रखी धान की बोरियां। संवाद- फोटो : Archive

मंडी के शेड में जगह न होने के कारण सड़क के डिवाइडर पर रखी धान की बोरियां। संवाद- फोटो : Archive

मंडी के शेड में जगह न होने के कारण सड़क के डिवाइडर पर रखी धान की बोरियां। संवाद- फोटो : Archive

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