संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। शहर की अनाज मंडी में उठान धीमा होने से किसानों को अपनी फसल मंडी में डालने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। जिस कारण अनाज मंडी के दोनों गेट पर गेहूं के वाहनों की लंबी कतार देखी जा सकती है। ट्रैक्टर-ट्रालियों की सड़क पर लंबी कतार से अन्य वाहन चालकों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी प्रधान सुभाष कांबोज ने बताया कि दुकानों के आगे कट्टों के ढेर लगे है। जब तक मंडी से उठान नहीं होगा, तब तक किसानों को उनका भुगतान नहीं मिल पायेगा। उठान होने के 72 घंटे बाद किसानों को उनकी फसल का भुगतान मिलता है। मंडी में उठान कमजोर होने के कारण किसानों को भुगतान नहीं मिल पा रहा है।
मंडी सचिव राजीव चोपड़ा ने बताया कि अब तक रादौर अनाज मंडी में दो लाख, 84 हजार, 13 क्विंटल गेहूं की खरीद की जा चुकी है। गुमथला अनाज मंडी में 37468 क्विंटल खरीद की जा चुकी है। वहीं अनाजमंडी जठलाना में 24612 क्विंटल खरीद की जा चुकी है। गेहूं की खरीद का कार्य सरकारी मानदंडों के अनुसार किया जा रहा है।
वहीं 12 प्रतिशत तक नमी होने पर ही गेहूं की खरीद की जा रही है। विभाग की ओर से गेहूं के उठाव के 24 से 72 घंटे तक किसान को उसकी फसल का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मंडी में अपनी गेहूं की फसल को सुखाकर लाएं। सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को रादौर अनाज मंडी में वेयर हाउस की ओर से खरीद की जा रही है। वहीं मंगलवार, वीरवार व शनिवार को हैफेड की ओर से गेहूं की खरीद की जाएगी। जठलाना व गुमथला में सभी दिन हैफेड की ओर से गेहूं की खरीद का कार्य किया जा रहा है।