संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र के गनौली गांव में एक सप्ताह से बच्चों समेत ससुराल में रह रहे रादौर के जुब्बल निवासी बलिंद्र का शव गनौला के श्मशान घाट में फंदे से लटका मिला। वह लंबे समय से बीमार चल रहा था। उसके साले ने उपचार के लिए उसे गनौली बुलाया था। प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि व्यक्ति ने फंदा लगाकर आत्महत्या की है। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रादौर के जुब्बल गांव निवासी बलिंद्र की लगभग 16 साल पहले गनौली गांव में शादी हुई थी। लंबे समय से वह बीमार चल रहा था। इलाज के लिए पिछले एक सप्ताह से वह अपनी पत्नी व बच्चों समेत गनौली स्थित अपनी ससुराल में आया हुआ था। रविवार शाम को वह किसी परिचित से मिलने की बात कहकर घर से निकला था लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं आया।
देर रात तक जब वह नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश की लेकिन उसका पता नहीं चल पाया। सोमवार को सुबह गनौला गांव के श्मशान घाट में बलिंद्र का शव फंदे पर झूलता हुआ मिला। किसी ने इसकी सूचना पुलिस व ग्रामीणों को दी।
बलिंद्र ने आत्महत्या की या नहीं, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। न ही उसके आत्महत्या करने के कारणों का पता चल पाया है। छछरौली थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
छछरौली थाना प्रभारी रोहताश ने बताया कि परिजनों से पता चला है कि मृतक लंबे समय से बीमार था। इस वजह से वह मानसिक परेशान रहता था। शव को देखने में प्रतीत होता है कि मृतक ने खुदकुशी की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।