खिजराबाद। गांव मलिकपुर खादर में विवादित जमीन पर पांचवें दिन भी ग्रामीण डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति के साथ मौके पर डटे रहे। रविवार को प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीण जेनरेटर लगाकर दिन-रात तंबू लगाकर मौके पर डटे हुए हैं। यहां गांव की महिलाएं भी छोटे बच्चों को लेकर मौजूद हैं और यहीं सुबह, दोपहर व रात का खाना भी पक रहा है। बता दें कि गांव के लोग केंद्र सरकार की इस जमीन पर बाबा भीमराव अंबेडकर का भवन बनाना चाहते हैं। इसके लिए उनकी ओर से 14 सितंबर को इसी जमीन पर डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति रख दी गई थी।
तब से ग्रामीण मौके से टस से मस नहीं हुए है और रविवार को ग्रामीणों ने यहीं ध्वजरोहण भी किया। ध्वजारोहण के उपलक्ष्य में ग्रामीणों ने भंडारे का अयोजन किया। पांच दिनों से दिन-रात मौके पर सभी लोग भजन-कीर्तन करने में जुटे हुए हैं। सैकड़ों लोग जिनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। सभी काम-धंधा छोड़कर मैदान में डटे हुए हैं। प्रशासन ने भूमि का कब्जा मुक्त कराने के लिए 14 सितंबर को ही यहां भारी पुलिस फोर्स भेजी थी। इस दौरान ग्रामीण और पुलिस आमने-सामने हो गए थे, लेकिन प्रशासन को बैरंग ही लौटना पड़ा था। ग्रामीण सुरजीत, महिंद्र, नीरज ने कहा कि वह अपनी जायज मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। यहां संघर्ष करते हुए आज पांच दिन बीत गए हैं। मगर प्रशासन किसी भी प्रकार के फैसले के लिए मौके पर नहीं आया। वह तब तक मौके पर डटे रहेंगे, जब तक प्रशासन इस भूमि को बाबा भीम राव अंबेडकर भवन के लिए नहीं दे देता है।