हरियाणा के यमुनानगर में वीरवार सुबह एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जब एलपीजी सिलेंडर में गैस ट्रांसफर के दौरान अचानक जोरदार धमाका हो गया। हादसे में 4 बच्चों और 2 महिलाओं सहित कुल 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना जबरदस्त था कि क्वार्टर की दीवारें ढह गईं और लेंटर तक में गहरी दरारें पड़ गईं। घटना सुबह करीब 8:20 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, जिस क्वार्टर में प्रवासी मजदूर परिवार रहते थे, वहां 17 क्वार्टर बने हुए थे और एक क्वार्टर में करीब 5 सदस्य रह रहे थे। घटना के समय महिलाएं बाहर खाना बना रही थीं, जबकि अंदर बड़े सिलेंडर से छोटे सिलेंडर में गैस भरी जा रही थी। इसी दौरान गैस लीक होने से अचानक ब्लास्ट हुआ और आग तेजी से फैल गई, जिससे कमरे में मौजूद बच्चे और महिलाएं उसकी चपेट में आ गए।
हादसे में 2 महीने की सिमरन, 5 साल की शांति, 9 साल की नेहा, 9 साल की शांति, 4 साल की अंशु, 10 साल की सुभांति, तथा रीना देवी और 4 साल की कांति गंभीर रूप से झुलस गई हैं। गनीमत यह रही कि कमरे में रखे दो भरे हुए सिलेंडर आग की चपेट में नहीं आए, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोज की तरह कई मजदूर सुबह काम पर चले गए थे, जिसकी वजह से कई लोगों की जान बच गई।
धमाके की आवाज पूरे क्षेत्र में गूंज गई, जिससे अफरातफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़ पड़े। सूचना मिलते ही 112 की टीम मौके पर पहुंची और 5 बच्चों व एक महिला को जगाधरी सिविल अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आठ लोगों को PGI रेफर किया गया।
फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है कि गैस ट्रांसफर के दौरान आखिर ऐसी खतरनाक स्थिति कैसे बनी। वहीं, घायलों के परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। हादसे में घायल गुड़िया ने बताया कि उसकी बहन सुभांति (10), शांति (5), क्रांति (4), सिमरन और उनकी मां रीना देवी सभी ब्लास्ट की चपेट में आकर झुलस गए हैं। वह खुद घर से सुबह खाना खाकर फैक्ट्री काम पर गई थी, तभी यह हादसा हो गया।