संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। संत महापुरुष सम्मान व विचार प्रसार योजना के अंतर्गत डीएवी पब्लिक स्कूल में मंगलवार को उपमंडल स्तरीय महर्षि वाल्मीकि जयंती समारोह करवाया गया। मुख्यातिथि पूर्व विधायक बलवंत सिंह ने कहा कि हमारी संस्कृति संतों और महापुरुषों की शिक्षाओं पर आधारित है। महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं किसी वर्ग व समुदाय विशेष के लिए नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए हैं।
उपमंडल अधिकारी जसपाल सिंह गिल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम पूर्व विधायक ने कहा कि आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की ओर से रचित रामायण युगों तक पूरी मानवता का मार्गदर्शन करती रहेगी। भारतीय सभ्यता के महाकाव्य रामायण से हमें एक आदर्श राजा, आदर्श पिता, पुत्र, भाई, पत्नी और आदर्श पति के रूप में अपने दायित्व का ज्ञान मिलता है तथा जीवन की हर बड़ी से बड़ी उलझन का समाधान रामायण में मिलता है।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि महान विद्वान थे और उन्होंने रामायण से न केवल धार्मिक संदेश दिया, बल्कि समाज में एकजुटता बनाए रखने का संदेश दिया। हमें अपनी आने वाली पीढिय़ों को संतों व धर्म के बारे में अधिक से अधिक जानकारी देनी चाहिए, ताकि हमारी आने वाली पीढि़यां अपने समाज के साथ धर्म से भी जुड़ी रहें।
इस दौरान साढौरा वाल्मीकि सभा व कनिपला वाल्मीकि सभा ने मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में नगर पालिका साढौरा चेयरपर्सन शालिनी शर्मा, नपा वाइस चेयरमैन देवेंद्र सैनी, नायब तहसीलदार कुलदीप सिंह, नपा सचिव सुरेंद्र मलिक, पार्षद जगदीश, मार्केट कमेटी से रोहित, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी अख्तर अली, पूर्व सरपंच मदनलाल उपस्थित रहे।
उपमंडल स्तरीय समारोह के दौरान मौजूद लोग। संवाद- फोटो : स्वयं