फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: नहाय खाय से महापर्व छठ शुरू, आज खरना व्रत

विज्ञापन
विज्ञापन
नहाय-खाय के साथ शुक्रवार को छठ महापर्व की शुरुआत हो गई। इसे लेकर जिले के पूर्वांचल सहित स्थानीय लोगों में खासा उत्साह दिख रहा है। नहाय खाय के दिन सब्जी मंडी से लेकर शहर में लगती पश्चिमी यमुना व आवर्धन नहरों के किनारे व घाटों पर काफी संख्या में श्रद्धालु जुटे नजर आए। मंडी में जहां श्रद्धालुओं ने मौसमी फल व सब्जियों की खरीदारी की, वहीं नहर किनारे छठ पूजा के लिए पिंडी (वेदी) निर्माण व सजावट की। ऐसा ही नजारा बूड़िया व फतेहपुर पुल, दड़वा, चिट्टा मंदिर, शांति कॉलोनी, आजाद नगर, यमुना विहार, दशमेश कॉलोनी, बाडी माजरा पुल, हमीदा हेड व जम्मू कॉलोनी समीप नहर के किनारों व घाटों पर रहा। जहां पर्व के तीसरे दिन यानी 19 नवंबर (कल) अस्त होते सूर्य व चौथे दिन 20 नवंबर को उदय होते सूर्य को व्रत रखने वाली महिलाएं व अन्य श्रद्धालु अर्घ्य देंगे। साथ ही विधि विधान पूर्वक पूजन करेंगे। इससे पहले पर्व के दूसरे दिन यानी आज खरना व्रत में महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास करती हैं। शाम को नए चावल व गुड़ की खीर, व्रत अनुसार रोटी फल कुल देवी, देवता पर चढ़ाया जाता है और वही प्रसाद व्रतधारी ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन


यमुना नहर के किनारे व घाटों पर विभिन्न संगठन सांस्कृतिक कार्यक्रम भी करेंगे। इसके लिए पंडाल लगाए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें रंग बिरंगी लाइटों से सजाया जा रहा है। जहां नृत्य व संगीत की प्रस्तुति होगी। साथ ही मईया का गुणगान होगा। ऐसे ही श्री मानव सेवा समिति की ओर से बाडी माजरा पुल समीप कार्यक्रम होगा। समिति के संस्थापक जयप्रकाश ने बताया कि इस दौरान लोगों से छठ पूजन के दौरान किए जाने वाले जरूरी प्रबंधों के बारे में लोगों से बातचीत की और सुझाव मांगें। वहीं पूर्वांचल महासभा के सदस्य एवं पार्षद राम आसरा भारद्वाज ने भी घाट पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

छठ महापर्व का उपवास 36 घंटे का होता है। इस दौरान महिलाएं अपनी संतान की सुख समृद्धि और दीर्घायु के लिए पूजा करती हैं इस दौरान भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। छठ पर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इस व्रत में आखिरी दिन सूर्य भगवान को अर्घ्य देकर उपवास का समापन किया जाता है।
विज्ञापन


पंडित ललित शर्मा ने बताया कि छठ पर गन्ना, सेब, अनार, ठेकुआ, अंकुरित चना सहित अन्य मौसमी फल सहित तमाम सब्जियों से पूजा की जाती है। सूर्योदय होने तक जल में खड़े होकर दूध, गंगाजल और पानी से सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद निर्जला उपवास रखने वाले व्रती घर पहुंचकर व्रत का पूर्ण करतीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें