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Yamuna Nagar News: निगम के 21 वार्डों में खिला कमल, कांग्रेस साफ

Thu, 13 Mar 2025 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। नगर निगम का मेयर पद कब्जाने के साथ भाजपा 22 वार्डों के पार्षद चुनाव में एक वार्ड को छोड़ बाकी 21 वार्डों में कमल खिलाने में कामयाब रही। इनमें वार्ड नौ में पहले ही भावना बिट्टू निर्विरोध पार्षद चुन ली गई थीं, वहीं बुधवार को मतगणना में अन्य 21 वार्ड में से 20 में भाजपा के पार्षद बन गए। कांग्रेस सभी वार्डों में हार गई।
आम आदमी पार्टी के वार्ड 11, 18, 22 और बसपा के वार्ड 18 से उतरे प्रत्याशी भी चुनाव हार गए। तीन दशक से पार्षद चुनाव जीत रहे डग्गा परिवार से इस बार वार्ड-15 से पार्षद चुनाव में उतरीं मनीषा प्रिंस डग्गा भी जीत नहीं पाईं। इसी वार्ड से पूर्व डिप्टी मेयर रामपाल की पुत्रवधु शमा भी हार गईं। गत दो चुनाव में लगातार पार्षद बने कांग्रेसी नेता देवेंद्र सिंह की पत्नी मंजु वार्ड चार से और कांग्रेस से यमुनानगर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व प्रत्याशी एवं दो बार पार्षद रहीं निर्मल चौहान द्वारा इस बार अपने स्थान पर चुनाव में आगे की गईं शारदा रानी वार्ड 13 से हार गईं। ऐसे ही वार्ड पांच से पिछले निगम चुनाव में कांग्रेस से पार्षद रहे विनय कांबोज भी हार गए।
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21 वार्डों में सबसे कम 151 वोट के अंतर से जीत वार्ड 14 में रही। भाजपा केवल इसी वार्ड में पार्षद चुनाव हारी। यहां आजाद प्रत्याशी सुनैना शर्मा ने भाजपा की वार्ड आठ से पूर्व पार्षद रहीं भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संगीता सिंघल को हराया। यहां सुनैना के 3386 व संगीता के 3235 वोट रहे। सुनैना पूर्व पार्षद नवनीत शर्मा की भाभी हैं, जिन्हें इस बार तीसरे मार्चे (इनेलो, बसपा, आप पादाधिकारियों) का भी समर्थन था। वार्ड नंबर-14 को छोड़ अन्य वार्डों में तीसरे मार्चे के समर्थित पार्षद प्रत्याशी भी हार गए।
जहां विधायक, मेयर निवास, वहां सबसे बड़ी जीत
21 वार्डों में सबसे बड़ी जीत 4510 वोट के अंतर से जीत वार्ड आठ में रही। वार्ड में शहर का मॉडल टाउन, प्रोफेसर कॉलोनी, छोटी लाइन जैसे अधिकांश पॉश क्षेत्र हैं। यहीं भाजपा से लगातार तीन बार विधायक घनश्यामदास अरोड़ा का निवास भी हैं, वहीं पिछले मेयर मदन चौहान भी इसी वार्ड में रहते हैं। इस वार्ड से पिछले पार्षद चुनाव में भाजपा की एक बार पार्षद रहीं संगीता सिंघल को इनेलो समर्थित विनोद मरवाह ने हराया था। इस बार विनोद मरवाह के बड़े भाई विजय मरवाह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े। हालांकि विनोद मरवाह ने इस बार भी बतौर आजाद प्रत्याशी नामांकन किया था, पर बड़े भाई विजय मरवाह के समर्थन में नाम वापस ले लिया था। इससे वार्ड में दो ही प्रत्याशी थे, जिनमें विभोर पाहुजा के 6267 और विजय मरवाह के 1757 वोट मिले।
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नोटा का बटन 1387 बार दबा
22 वार्डों के पार्षद चुनाव के लिए दो मार्च के मतदान में 1387 बार नोटा बटन दबाया गया। मतगणना में सामने आया कि कई वार्डों में कुछ पार्षद प्रत्याशी तो नोटा से भी हार गए। इनमें वार्ड 6, 7, 16 व 21 शामिल हैं। वार्ड 6 में आजाद प्रत्याशी योगेश सेठी (योगी) को 20 वोट मिले, जहां इससे ज्यादा 45 बार नोटा बटन दबा। योगेश सेठी (योगी) वार्ड सात भी चुनाव लड़े, जहां उन्हें 14 वोट मिले। इससे ज्यादा वार्ड सात में 30 बार नोटा दबा। वार्ड-16 से आजाद प्रत्याशी रविंद्र सिंह को 33 वोट मिले, जहां इससे ज्यादा 71 बार नोटा दबा। वार्ड-21 में आजाद प्रत्याशी जसविंद्र को 16 मिले, जहां इससे ज्यादा 67 बार नोटा दबा।
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