फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: सीता माता की खोज में शबरी से मिले श्रीराम

Sat, 27 Sep 2025 08:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
बूड़िया में रामलीला मंचन के दौरान प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन




जगाधरी। माता सीता की खोज में भटकते हुए प्रभु श्रीराम ऋषि मतंग के आश्रम में पहुंचे और यहां उनका मिलन माता शबरी से हुआ। अपने आराध्य को देखकर माता शबरी की आंखें भर आईं और वह रोने लगीं। इस पर प्रभु श्रीराम ने उन्हें संभाला और माता के प्रति अपना स्नेह प्रकट किया।
इस दौरान माता शबरी ने जूठे बेरों का अपने प्रभु को भोग लगाया और भाव के भूख भगवान ने वह बेर खाए। रामलीला मंचन के दौरान यह दृश्य देखकर दर्शक भाव-विभोर हो गए और भगवान की भक्त के प्रति उदारता देख पंडाल जय श्रीराम के घोष से गूंज उठा। वहीं, इस दौरान जटाऊ और रावण का युद्ध दिखाया गया।
विज्ञापन

शहर में छह स्थानों पर रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान जगाधरी पुरानी अनाजमंडी, झंडा चौक, आईटीआई सब्जी मंडी, रामपुरा के श्रीराम पार्क, यमुना गली के कैटल कंपाउंट में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। इस दौरान रामलीला में सीता खोज, श्रीराम शबरी मिलन और सुग्रीव भेंट की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला में दिखाया गया कि माता सीता की खोज में श्रीराम भाई लक्ष्मण के साथ ऋषि मतंग के आश्रम पहुंचते हैं। यहां पर आदिवासी प्रजाति की शबरी जो वर्षों से श्रीराम की प्रतीक्षा कर रही होती है अपने प्रभु के रास्ते में पुष्प बिछा रही होती है। चूंकि शबरी नहीं जानती थी कि उनके प्रभु का आगमन कब होगा।
ऐसे में वह भगवान श्रीराम की राह ताकती और नित रास्ते में पुष्प बिछाती। जब भगवान श्रीराम पहुंचे तो उन्हें देखकर शबरी की आंखें भर आईं और अपने प्रभु की पग पखारने लगी। भगवान व भक्त का ऐसा दृश्य देखकर सभी भाव-विभोर हो गए। लोगों ने जय श्रीराम के घोष कर अपनी आस्था दिखाई। इसके बाद मंचन में दिखाया कि शबरी भगवान को चख-चख कर खाने के लिए बेर देती है।
यह देखकर लक्ष्मण भैय्या राम को रोकते हैं और बोलते हैं कि वृद्ध होने के बावजूद इन्हें यह नहीं पता कि किसी को जूठा खाने के लिए नहीं देते हैं। इस पर श्रीराम कहते हैं कि यह ममता व प्रेम है, वह चखकर यह देख रही हैं कि बेर मीठे हैं। ऐसा भाव कहीं देखने को नहीं मिलता है। इस दृश्य से दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
विज्ञापन

वहीं दूसरी तरफ बूड़िया की पुरानी डिस्पेंसरी की रामलीला में एक दिन पहले सीता स्वयंवर का मंचन किया गया था। इसके बाद वीरवार शाम को बूड़िया क्षेत्र में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघन चारों भाइयों की बारात निकाली गई। इसके बाद रात को राम वनवास, केवट उद्धार व भरत मिलाप का वृतांत दिखाया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें