संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। क्षेत्र के गांव सरावां, पांडो, कनीपला और टपरियां में पशुओं में बीमारी फैलने से पशुपालक परेशान हैं। पशुपालकों का दावा है कि बीमारी तेजी से फैल रही है। बीमारी के कारण पशुओं को तेज बुखार, शरीर पर फोड़े-फुंसियां हो रही हैं। कई पशु चारा खाना छोड़ रहे हैं और कमजोर हो रहे हैं। वहीं दूध उत्पादन भी प्रभावित होने की बात कही जा रही है। उन्हें लंपी वायरस का डर सता रहा है।
सरावां गांव के किसान एवं पशुपालक कुलविंद्र, जनकराज, जसबीर सिंह, राजेश कनीपला, सुरेंद्र, जागीरदार सरावां, गोविंद सिंह सरावां, सोनू ने बताया कि सरावां के साथ-साथ आसपास के पांडो, कनीपला और टपरियां गांवों में बीमारी घातक रूप से फैल रही है। उनके अनुसार, इन गांवों में करीब हर तीसरे पशु में बीमारी के लक्षण दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पशुपालकों को सरकार की ओर से बीमारी से निपटने के लिए पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि गांवों में घूम रहे स्थानीय पशु चिकित्सकों की ओर से करीब 500 रुपये का इंजेक्शन लगाया जा रहा है, जो आर्थिक रूप से कमजोर पशुपालकों के लिए महंगा है। उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए गांवों में उचित उपचार और निशुल्क दवा उपलब्ध कराने की मांग की।
सरावां पशु चिकित्सालय में के चिकित्सक अमित चावला ने बताया कि शिकायतों के आधार पर पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है। इसके अलावा उनके पास फिलहाल कोई अन्य दवा उपलब्ध नहीं है। वहीं पशु सर्जन डॉ. विक्रांत ने बताया कि उनके स्तर पर पशुओं का टीकाकरण कराया गया है। फिलहाल उनके क्षेत्र में लंपी वायरस का कोई मामला नहीं है और न ही इस संबंध में कोई शिकायत मिली है। यदि कोई शिकायत आती है तो टीकाकरण कराया जाएगा।
77 हजार पशुओं के टीकाकरण का दावा
पशुपालक बीमारी के तेजी से फैलने का दावा कर रहे हैं। वहीं पशुपालन विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है। पशुपालन विभाग के एसडीओ सतबीर सिंह का कहना है कि जिले में करीब 98 हजार पशुओं के लक्ष्य के मुकाबले 77 हजार पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। फिलहाल कोई नया मामला सामने नहीं आया है। जिले में पुराने 60 मामले हैं, जिनमें लंपी वायरस की पुष्टि के लिए नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।