जगाधरी। तीर्थनगर कॉलोनी स्थित श्रीकृष्ण पब्लिक स्कूल में शुरू हुई सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक वरुण दास महाराज ने कहा कि आदिकाल में मनुष्य को ईश्वर के दर्शनों के लिए सदियों तक तपस्या करनी पड़ती थी, परंतु कलयुग में यदि मनुष्य प्रभु का नाम भी सुन लेता है तो उसका उद्धार हो जाता है। वहीं श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जन्मों तक के पाप धूल जाते हैं।
कथा के दूसरे दिन जगाधरी मार्केट कमेटी प्रधान राकेश त्यागी व संजीव गोंदी अतिथि रहे। स्वामी वरुण दास महाराज ने कथा के दूसरे दिन श्रीमद्भागवत का महत्व, इसकी अध्यात्मिक व सांसारिक उपयोगिता के बारे बताया। उन्होंने कहा कि कलयुग में सिर्फ श्रीमद्भागवत कथा ही मनुष्य को पाप व दुष्कर्म से बचा सकती है। श्रीमद्भागवत मनुष्य को इस संसार में आने का उद्देश्य व प्रभु प्राप्ति का मार्ग दिखाती है।
उन्होंने भक्तों को स्वामी शुकदेव जन्म और आत्मदेव ब्राह्मण के पुत्र गोकर्ण व धुंधकारी के उद्धार के प्रसंग सुनाए। वहीं, उन्होंने कलयुग का आरंभ, राजा परीक्षित से हुआ पापकर्म व श्राप मुक्ति की कथा का वृतांत सुनाया। कथा के दौरान स्वामी वरुण दास ने भजनों से प्रभु की माया और महिमा का गुणगान किया। भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके और भक्ति में डूब गए।
तीर्थ नगर में श्रीमद्भागवत कथा सुनते श्रद्धालु। प्रवक्ता