यमुनानगर। कोरोना महामारी से खुद को बचाने के लिए टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन लगवाने के लिए काफी संख्या में किशोरियां पहुंच रही हैं। यदि यह कहा जाए कि टीका लगवाने वालों में किशोरियों की संख्या किशोरों से कहीं अधिक है तो कहना गलत नहीं होगा। जिले में 16 मार्च को जब 12 से 14 साल के किशोरों को कोर्बेवैक्स वैक्सीन लगाने की शुरुआत हुई थी तो पहला टीका भी लड़की को ही लगा था। रादौर निवासी रितिका को वैक्सीन लगाकर उपमंडल में इस अभियान की शुरुआत की गई थी।
हर साल जब बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं का परिणाम आता है तो हर बार लड़कियां ही बाजी मारती हैं। यहां तक की टॉप दस में भी लड़कियों का ही दबदबा रहता है। ऐसा ही कुछ टीकाकरण केंद्रों पर देखने को मिल रहा है। टीकाकरण केंद्रों पर किशोरियां बड़ी संख्या में पहुंच रही हैं। टीकाकरण केंद्रों पर कार्यरत कर्मचारियों के अनुसार यदि पांच किशोरों को टीका लगता है तो उसमें तीन किशोरियां होती हैँ। इससे पता चलता है कि लड़कियों ने परीक्षा परिणामों की तरह कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने में भी मैदान फतेह कर रखा है।
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सभी को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए: रितिका
12 से 14 साल की उम्र में पहला टीका लगवाने वाली रादौर की रितिका का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद उसे किसी तरह की दिक्कत नहीं हुई। इसलिए सभी को इस महामारी से खुद को बचाने के लिए वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। वह खुद भी सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड कर सभी से वैक्सीन लगवाने की अपील कर रही हैं।
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बीमारी से बचाव में मददगार वैक्सीन: शमा परवीन
सीएससी बिलासपुर की एसएमओ डॉ. शमा परवीन ने बताया कि वैक्सीन कोरोना से बचाव के लिए काफी मददगार है। इसलिए सभी किशोरों को वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए। विभाग की टीम गांवों में जाकर अभिभावकों से अपील कर रही है कि वह जल्द से जल्द अपने बच्चों को वैक्सीन जरूर लगवाएं। ताकि कोरोना की लहर दोबारा आती भी है तो उनके बच्चों को किसी तरह की दिक्कत न हो। वहीं सभी उम्र के जिन लोगों को भी अभी तक वैक्सीन नहीं लगी है वह भी जल्द से जल्द लगवा लें।