आईआरसीटीसी अधिकृत टिकट एजेंट द्वारा अनाधिकृत तरीके से पर्सनल यूजर आईडी का प्रयोग करने वाले को कोर्ट से जमानत मिल गई। आरपीएफ इस दलाल के भी टिकट माफिया
गुलाम मुस्तफा से जुड़े होने के तार की तलाश कर रही थी। लेकिन आरोपी के पास मिली आईडी सही पाई गई। आरोपी के पास से बरामद डिवाइस की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही सामने आ पाएगा कि आरोपी कितनी टिकट बना चुका है। फिलहाल कोर्ट ने आरोपी मनीष को जमानत दे दी है। वहीं आरपीएफ मामले की जांच में जुटी है। वहीं साइबर एक्सपर्ट आरोपी के लैपटॉप व कंप्यूटर को खंगाले में लगे हुए हैं।
बहल कॉलोनी से पकड़े गए ई-टिकट दलाल के सॉफ्टवेयर की जांच करवाई गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा प्रयोग किया जा रहा सॉफ्टवेयर तो सही है। लेकिन उसका प्रयोग करके वह गलत तरीके से टिकट बना रहा था। जिसकी मॉनिटरिंग हेडक्वार्टर से चल रही थी। एजेंट टिकट निकालने के लिए अपनी पर्सनल व फर्जी आईडी बनाकर इसका प्रयोग करता था।
आरपीएफ ने आरोपी दलाल को 11 फरवरी को गिरफ्तार किया था। लेकिन इसकी किसी को भनक नहीं लगने दी गई। चूंकि आरपीएफ को शक था कि आरोपी मनीष भी बड़े फंडिंग वाले गुलाम मुस्तफा का सॉफ्टवेयर प्रयोग कर रहा होगा। इसी की पुष्टि के लिए एजेंट मनीष द्वारा प्रयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर की साइबर एक्सपर्ट से जांच करवाई गई थी। जिसमें सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी का होना ही पाया गया।
यमुनानगर-जगाधरी रेलवे सुरक्षा बल ने मंगलवार को छोटी लाइन स्थित ब्रह्मकुमारीज आश्रम के पास इंडियन टूरिज्म पर रेड की। इस दौरान संचालक मनीष वहां मौजूद मिला। छापामारी की नेतृत्व कंपनी कमांडर रमेश श्योराण ने किया। जिसमें एएसआई योगेश तोमर सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान तलाशी लेने पर आरपीएफ को वहां से 49 टिकट बरामद हुई। जिसमें 25 टिकट तत्काल की और 24 समान्य आरक्षित टिकट थी। इसकी कुल कीमत 40 हजार रुपये है। मनीष पर रेलवे एक्ट के तहत केस दर्जकर गिरफ्तार कर लिया। रेड टीम ने मनीष का कंप्यूटर व लैपटॉप जब्त कर लिया है। जो जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट के पास हेडक्वार्टर भेज दिए गए हैं।