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Yamuna Nagar News: धान घोटाले से सबक, तीन मंडियों की होगी निगरानी

Wed, 30 Sep 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। पिछले साल तीन अनाज मंडियों में हुए 70 करोड़ रुपये के बहुचर्चित धान घोटाले से सबक लेते हुए जिला प्रशासन रणनीति तैयार कर ली है। इन मंडियों पर एसडीएम पैनी नजर रखेंगे। इस बार गड़बड़ी की कोई गुंजाइश न रहे इसका पूरा ध्यान रखने का दावा किया जा रहा है।
बीते वर्ष रणजीतपुर, प्रतापनगर और छछरौली अनाज मंडियों में करीब 70 करोड़ रुपये का भारी-भरकम धान घोटाला सामने आया था। इस फर्जीवाड़े में राइस मिलर्स के साथ-साथ मंडी के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई थी। राइस मिलर्स ने बिना एक भी दाना धान खरीदे कागजों में फर्जी रिकॉर्ड दिखाकर करोड़ों रुपये का चूना लगाया था।
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किसी भी राइस मिलर द्वारा मंडियों में किया गया यह अब तक का सबसे बड़ा घोटाला था, जिसने न केवल प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी थी, बल्कि पूरे प्रदेश में तहलका मचा दिया था। इसी कलंक को धोने के लिए इस बार प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है।
इस बार प्रशासन फर्जीवाड़े को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने की बात कह रहा है। रणजीतपुर, प्रतापनगर व छछरौली की मंडियों में एसडीएम को बतौर निरीक्षक नियुक्त किया गया है। एसडीएम प्रतिदिन मंडियों में कटने वाले गेट पास, धान की वास्तविक आवक, सरकारी खरीद और उठान की प्रक्रिया पर स्वयं निगरानी रखेंगे। वे रोजाना रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार चल रही है।
जिले की अनाज मंडियों में धान खरीद सुचारू रूप से चलाने के लिए डीसी प्रीति ने अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी है। डीसी के आदेशानुसार, खारवन, छछरौली और प्रतापनगर मंडियों की जिम्मेदारी एसडीएम छछरौली जसपाल सिंह गिल को सौंपी गई है। वहीं, रणजीतपुर और आसपास के क्षेत्र में एसडीएम व्यासपुर डॉ. कुलदीप सिंह ओवरऑल इंचार्ज होंगे, जो खरीद व्यवस्था का लगातार निरीक्षण करेंगे। यह अधिकारी खरीफ सीजन समाप्त होने तक अपने-अपने अधिकार क्षेत्र की मंडियों पर नजर रखेंगे।
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लापरवाही करने वालों पर होगी कार्रवाई : डीसी
डीसी प्रीति का कहना है कि मंडियों में धान खरीद की व्यवस्था सुचारु रूप से चलती रहे और किसानों को मिलने वाली जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, तिरपाल, बारदाना आदि में कोई कमी न हो इसके लिए मंडियों का निरीक्षण करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। एसडीएम अपने क्षेत्र की मंडियों के ओवरऑल इंचार्ज होंगे। यदि खरीद प्रक्रिया में या किसानों की सुविधाओं में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो तुरंत प्रभाव से उसकी जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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