संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेतों में बंपर पैदावार के कारण अनाज मंडियों में गेहूं बहुत तेजी से पहुंच रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि मंडियों में गेहूं डालने तक की जगह नहीं बची हैं। जहां तक नजर जाती है वहां मंडियों की सड़कों, फड़ों पर केवल गेहूं की बोरियां ही दिखाई देती हैं। उठान के लिए पर्याप्त संख्या में ट्रक नहीं लगाए जाने से मंडियों से गेहूं का नियमित उठान नहीं हो रहा है।
मंडियों से 24 अप्रैल तक 111461 मीट्रिक टन गेहूं का ही उठान हो पाया है। मंडियों में करीब दो लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है। कम संख्या में वाहन लगे होने पर ठेकेदार से कोई जवाब तलबी नहीं की गई। ऐसे में जब ठेकेदार पर अधिकारी मेहरबान होंगे तो उठान कैसे होगा। उठान ज्यादा हो इसके लिए गत रविवार को मंडियों में गेहूं की खरीद को बंद करना पड़ा था।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मंडियों में 71567 एमटी गेहूं खरीदा है, लेकिन उठान हुआ केवल 41359 एमटी का। इसी तरह हैफेड ने 104927 एमटी गेहूं खरीदा और उठान 57998 एमटी का ही हुआ। वहीं हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन के 20044 एमटी में से 12104 एमटी गेहूं का ही उठान हो पाया है। अनाज मंडियों में कुल 196538 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
मंडियों में उठान को लेकर सभी एसडीएम से लेकर मुख्यालय से आई टीमों द्वारा भी नियमित रूप से मंडियों में खरीद व उठान का जायजा लिया जा रहा है। ऐसा पहली बार है जब गेहूं खरीद को लेकर किसानों को कोई परेशानी नहीं है। परंतु उठान को अधिकारी सुचारू नहीं करवा पा रहे हैं। जबकि गेहूं खरीद के 72 घंटे के भीतर उसका उठान सुनिश्चित होना चाहिए।
बिलासपुर अनाज मंडी में 22718 मीट्रिक टन, छछरौली मंडी में 21137 मीट्रिक टन, गुमथला राव मंडी में 5330 मीट्रिक टन गेहूं, जगाधरी मंडी में 29376 मीट्रिक टन, जठलाना मंडी में 3610 मीट्रिक टन, खारवन मंडी में 3394 मीट्रिक टन, प्रतापनगर मंडी में 22316 मीट्रिक टन, सरस्वती नगर में 32360 मीट्रिक टन, रादौर में 30480 मीट्रिक टन, रणजीतपुर में 8033 मीट्रिक टन, रसूलपुर मंडी में 6281 मीट्रिक टन, साढौरा मंडी में 11335 मीट्रिक टन, यमुनानगर मंडी में 168 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।
उठान कराने में प्रशासन नाकाम : किसान नेता
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर व भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर का कहना है कि मंडियों में गेहूं का उठान नहीं हो रहा है। मंडियां गेहूं की बोरियों से अटी पड़ी हैं। ऐसे में किसान को अपनी फसल डालने के लिए भी मंडियों में जगह नहीं मिल रही। वह नियमित रूप से मंडियों में जाकर खरीद का जायजा ले रहे हैं। आढ़ती एक ही बात बताते हैं कि गेहूं उठाने के लिए ट्रक नहीं आ रहे। एक बार गेहूं ले जाने के बाद ट्रक वापस आता ही नहीं है। उठान कराने में प्रशासन बिल्कुल भी सख्त नहीं दिख रहा।
किसानों को कोई परेशानी नहीं होने देंगे : डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार का कहना है कि सभी अधिकारी मंडियों में खरीद व उठान का जायजा ले रहे हैं। संबंधित अधिकारियों से कहा गया है कि वह उठान को नियमित कराएं। यदि वाहनों की संख्या कम है तो उन्हें बढ़ाया जाए। यहां तक की यदि आढ़ती अपने वाहन से उठान करवाता है तो उसको सरकारी रेट पर पेमेंट दी जाएगी। किसानों को मंडियों में कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।