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Yamuna Nagar News: मार्गों पर रोडवेज बसों की संख्या कम होने से बाधित हो रही पढ़ाई

Thu, 20 Nov 2025 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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रोडवेज बस में एक दूसरे से बहस करती महिला व परिचालक। सोशल मीडिया - फोटो : धर्मपथ के डिवाइडर को सजाने में जुटे कर्मी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। बसों की कमी यात्रियों के लिए परेशानी बनती जा रही है। विद्यार्थियों का जितना समय अपने स्कूल, कॉलेज में पढ़ने में लग रहा है, उतना ही समय सड़क पर बसों का इंतजार करने में बीत रहा है। बसों की कमी विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इतना ही नहीं उन्हें बसों में लटक कर सफर करना पड़ रहा है।
वहीं वीरवार को रोडवेज परिचालक की ओर से बस नहीं रोके जाने पर महिला ने खासा विरोध जताया। इस दौरान दोनों में बहस भी हुई। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। दरअसल सुबह महिला यमुनानगर बस स्टैंड से नारायणगढ़ जा रही रोडवेज बस में बैठी थी। महिला अगली खिड़की के नजदीक बैठी थी।
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परिचालक जब टिकट काटते हुए आगे पहुंचा तो महिला सीट से खड़ी हो गई। वह परिचालक से जिला सचिवालय पर बस रोकने को कहने लगी। परंतु परिचालक ने बस नहीं रोकी। परिचालक ने कहा कि यहां पर उनका स्टॉपेज नहीं है। इसलिए बस नहीं रोक सकती। महिला ने परिचालक से कहा कि वह लिख कर दे कि यहां पर बस नहीं रोक सकते।
इसे लेकर दोनों में काफी देर तक बहस होती रही। खास बात यह है कि जिला सचिवालय के सामने यात्रियों को बस से उतारने व चढ़ाने के लिए रोडवेज ने बस क्यू शेल्टर बनवा रखा है। जगाधरी की तरफ से आने वाली लगभग सभी बसें यहां पर रुकती है। इसके रोडवेज बावजूद चालकों-परिचालकों की मनमानी से यात्रियों को बेवजह परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
छात्र उपेंद्र कुमार का कहना है कि बसों की कमी से बहुत परेशानी हो रही है। सुबह न तो कॉलेज जाने के लिए बस मिलती है और न ही दोपहर को घर वापस आने के लिए। बसों की कमी से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनकी तरह ही हजारों विद्यार्थी परेशान हैं। सारा दिन तो बसों के इंतजार में ही बीत जाता है, ऐसे में वह पढ़ाई कब करेंगे। पढ़ाई न होने से ही युवा सरकारी नौकरी पानी में पिछड़ रहे हैं।
छात्र आर्यवीर नेगी का कहना है कि काफी समय से बसों की संख्या बढ़ाने व बस रोकने के लिए वह रोडवेज के अधिकारी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। रोडवेज के चालकों-परिचालकों का व्यवहार भी विद्यार्थियों के प्रति ठीक नहीं है। यदि कोई उनकी शिकायत कर दे तो इसके बाद तो चालक बस को अड्डे पर बिल्कुल भी नहीं रोकते। वह पढ़ाई में पिछड़ रहे हैं तो उसकी एक वजह रोडवेज के अधिकारी हैं।
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बसों की कमी के बारे में मुख्यालय को अवगत कराया है। रोडवेज में धीरे-धीरे बसों की संख्या बढ़ने लगी है। जल्द ही बसों की कमी दूर हो जाएगी। - संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।
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