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यमुनानदी पार चीते ने 22 भेड़-बकरियों को मार डाला

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उपमंडल रादौर में यमुनानदी पार एक चीते ने पिछले कई दिनों से दहशत मचा रखी है। चीते के भय से न केवल हरियाणा बल्कि उत्तरप्रदेश के किसान भी डर के मारे कई दिनों से अपने खेतों मेें नहीं जा रहें है। जो किसान अपने खेतों में जा रहें है, वह असले के साथ किसानों की टोली बनाकर खेतों तक जा रहें है।
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यमुना पार चीते ने अब तक सीमा पर बसे उत्तरप्रदेश के गांव टाबर व नसरूलागढ़ के 2 भेड़, बकरी पालकों की 20 से अधिक भेड़, बकरियों को अपना निशाना बनाकर उन्हें खा लिया है। पिछले कई दिनों से यमुना पार सक्रिय चीता पशुओं को अपना निशाना बना रहा है। यमुना पार सक्रिय चीता सीमा पर स्थित हरियाणा के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में रात के समय घूमता हुआ नजर आया है। मामले की सूचना मिलने के बाद उत्तरप्रदेश वन्य प्राणी विभाग की टीम ने यमुनानदी पार हरियाणा व उत्तरप्रदेश की सीमा पर स्थित जंगल का दौरा कर मामले की जांच की। लेकिन अभी तक विभाग की टीम चीते को काबु नहीं कर पाई है। जिससे हरियाणा व यूपी के किसान चीते की दहशत से अपने खेतों में नहीं जा पाये है। रादौर क्षेत्र के किसान सुदेश राणा संधाली, रामकुमार, जयसिंह, शिवकुमार, निरंजन, पवन, सुशील, विनोद आदि ने बताया कि हरियाणा के किसानों की यमुनानदी पार हजारो एकड़ जमीन है। जहां किसान यमुनानदी से होकर या यूपी के रास्ते अपने खेतों में जाते है। किसानों ने बताया कि पिछले लगभग 10 दिन से यूपी व हरियाणा बॉर्डर पर यमुनानदी पार स्थित जंगल में कही से एक चीता आया हुआ है। किसानों ने बताया कि सीमा पर बसे यूपी के टाबर गांव का रहने वाला कर्मसिंह व नसरूलागढ़ का रहने वाला सुरेश कुमार प्रहलादपुर, गुमथला, नगली के जंगलों में अपनी भेड़, बकरियों को चराने जाते है। इस दौरान रात के समय चीता कर्मसिंह की 7 भेड़ों व सुरेश कुमार की 15 भेड़ों को उठाकर गन्ने के खेत में ले जाकर मारकर खा गया। प्रभावित भेड़, बकरी पालकों के परिवारों ने जब रात के समय अपनी भेड़, बकरियों का पहरा दिया तो उन्होने देखा कि एक चीता रात के समय उनकी भेड़ों को उठाकर गन्ने के खेतों की ओर भाग गया है। जिसके बाद भेड़, बकरी पालकों कर्म सिंह व सुरेश कुमार ने मामले की जानकारी आसपास के किसानों को दी। जिसके बाद किसानों में चीते को लेकर दहशत फैल गई। किसानों ने बताया कि चीते के भय के कारण किसान अपने खेतों में फसलों की देखभाल करने भी नहीं जा पा रहें है। किसानों को अपनी धान की फसल में पानी देने, खाद डालने, गन्ने की बंधाई करवाने के लिए खेतों में जाना पड़ता है। लेकिन भय के कारण कोई किसान खेतों में नहीं जा रहा है। वहीं बहुत से किसान यमुनानदी पार डेरों में अपने परिवारों व पशुओं के साथ रहते है। जिन्हें अपने परिवारों व पशुओं की चीते के कारण सुरक्षा को लेकर भय सता रहा है। प्रभावित किसानों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से मांग की है कि प्रशासन वन्य प्राणी विभाग को आदेश दे कि यमुनानदी पार खेेतों व जंगलों में सक्रिय चीते को जल्द पकड़वाने की व्यवस्था की जाये। ताकि किसान सुरक्षित अपने खेतों में जाकर खेती कर सके और अपने पशुओं की रक्षा कर सके। इस बारे वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि उन्हे मामले की जानकारी नहीं है। विभाग की टीम बुधवार को यमुनानदी पार जाकर मामले की जांच करेगी और इस बारे कार्यवाही करेगी।
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