संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पहले नगर निगम की नई वार्डबंदी का ड्राफ्ट प्रॉपर्टी आईडी की उलझन से सवालों में रहा, वहीं अब वार्डों की मतदाता सूची का ड्राफ्ट भी विवादों के घेरे में आ गया है। इससे इन वार्डों से पार्षद पद का चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे नेताओं का वोट गणित बिगड़ गया है।
जिन बूथ पर नेता अपनी मजबूत स्थित मान कर चल रहे थे, वो अन्य वार्डों में चले गए। इसके विरोध में उतरे कई पूर्व पार्षद इसे अनियमितता मान रहे हैं, जिसकी शिकायत उनकी ओर से डीसी को देकर जांच की मांग की गई है। पूर्व पार्षदों में जसबीर सिंह बिट्टू, नीरज राणा, कर्मवीर गोंदवाल ने बताया कि मतदाता सूची के ड्राफ्ट में कई वार्डों के बूथ उनकी हद के वार्ड के बजाय अन्य वार्डों में दिखाए जा रहे हैं।
इस बारे में ड्राफ्ट का आकलन करने पर पता चला। इसमें पाया कि खासकर वार्ड 13, 16, 17, 18, 19, 20 के बूथ एक से दूसरे वार्ड में जोड़ दिए गए हैं। आरोप है कि बूथ नंबर-123 व 124 की हद वार्ड 16 में है, पर इन्हें वार्ड 21 से जोड़ दिया गया। ऐसे ही वार्ड 20 के तीन बूथ वार्ड 19 में और वार्ड 17 के तीन बूथ वार्ड 13 में जोड़ दिए गए। वार्ड 13 में एक बूथ जोड़ा गया है, जो वार्ड 13 के क्षेत्र से बाहर है। इसी तरह वार्ड 16 के बूथ वार्ड 20, वार्ड 19 के बूथ वार्ड 20, वार्ड 20 से बूथ वार्ड 19 में जोड़ दिए। वार्ड 20 में चार बूथों में भी कुछ खामियां हैं। वार्ड 18 से बूथ नंबर-109 को गायब है, जिसके कारण करीब 550 वोटों का अंतर आ गया है। ये वोटें कहां है, इसका कुछ पता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमाने ढंग से बूथ एक से दूसरे वार्ड में जोड़ दिए। इससे वोट बंट गए हैं। इस बारे में डीसी को शिकायत देकर मतदाता सूचियों की जांच कर सुधार की मांग की गई है।
बंद पड़ा ग्राम रामबोझा का आरोग्य मंदिर।संवाद