यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी सदन का कार्यकाल सात जनवरी को खत्म हो रहा है। कार्यकाल के मात्र तीन माह ही शेष हैं, तब भी शहर के करोड़ों रुपये के विकास कार्य टेंडर प्रक्रिया में लटके हैं, क्योंकि उनके लिए ठेकेदार व एजेंसियां नहीं मिल रहे हैं।
ऐसे कामों के निगम अफसर बार-बार टेंडर रिकॉल कर रहे हैं। किंतु वार्ड पार्षद इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि कई माह से एक ही काम के बार-बार टेंडर कर अफसर इतिश्री कर रहे हैं, पर उनकी मांग है कि दो से तीन बार टेंडर करने पर कोई ठेकेदार या एजेंसी नहीं मिलती तो ऐसे काम टुकड़ों में कर कम राशि के टेंडर किए जाएं।
डेढ़ करोड़ रुपये से होने वाले कामों के टेंडर रिकॉल
ठेकेदार व एजेंसियां न मिलने के चलते टेंडर रिकॉल का सिलसिला जारी है। अब निगम अफसरों ने 1.50 करोड़ रुपये के टेंडर दोबारा लगाए हैं। इनमें वार्ड-9 में 35.83 लाख रुपये से कीर्ति नगर में आंबेडकर भवन से अन्नपूर्णा भवन तक नालियों सहित गली निर्माण, वार्ड-9 में 36.54 लाख रुपये से शास्त्री कॉलोनी में सेवा सिंह के घर से उप्पल के घर तक व केशव पार्क के साथ लगती गली में पाइप बिछाने व ईस्ट भाटिया नगर में भगवती श्रृंगार पैलेस से परमहंस अनंदपुर कुटिया तक पाइप बिछाने, वार्ड-18 में 10.44 लाख रुपये से आंबेडकर नगर में अंकित निवास से सुरेंद्र पाल के घर तक नालियों सहित गली का निर्माण, वार्ड-9 में 4.46 लाख रुपये से ग्रीन पार्क कॉलोनी में पार्क विकसित करने, वार्ड-9 में 4.85 लाख रुपये से आंबेडकर भवन में नौ मीटर व 12.5 मीटर हाई मास्ट लाइट लगाने, वार्ड-8 में 46.90 लाख रुपये से प्रोफेसर कॉलोनी में 300 व 250 एमएम डाया की पाइप लाइन बिछाने, वार्ड-11 में 11.11 लाख रुपये से तेजली में श्मशान घाट की चाहरदीवारी, स्टोर व कमरे सहित शौचालय निर्माण जैसे कामों के टेंडर रिकाॅल किए गए हैं।
दो-तीन बार में न मिले ठेकेदार तो टुकड़ों में लगे टेंडर
विपक्षी पार्षदों में वार्ड-7 से रामआसरा भारद्वाज, 8 से विनोद मरवाह, 13 से निर्मल चौहान ने कहा कि सदन को तीन माह का कार्यकाल ही बचा है। अब भी शहर के विकास कार्यों को निगम अफसर केवल टेंडर रिकॉल कर छोड़ रहे हैं। उनकी मांग है कि दो से तीन बार टेंडर करने पर भी ठेकेदार या एजेंसी नहीं मिलते तो उस काम के टुकड़ों में टेंडर किए जाएं। जिससे कम राशि के टेंडर में ज्यादा से ज्यादा ठेकेदार व एजेंसियां बिड कर सकेंगे और काम सिरे चढ़ पाएंगे।
वर्जन-
शहर में विकास कार्य ई टेंडर प्रक्रिया के जरिए कराए जाते हैं। इसी के तहत नियमानुसार टेंडर व रिकॉल किए जा रहे हैं। अगर पार्षदों की कोई मांग है तो उस पर विचार किया जाएगा।- आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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